राशन कार्ड बनाने से राशन चुराने तक का “आप” का सफ़र..

ऐसा कोई दिन नहीं जाता कि जब आप TV या अख़बार खोलो और केजरीवाल सरकार के कारनामों की पोटली ना खुलती हो। कैसे कैसे सुनहरे ख्वाब दिखाकर इस झाड़ूवाले ने दिल्ली की बाकी सब पुरानी पार्टियों पर झाड़ू फेरी वो तो सबको पता ही है। लेकिन कौन ये जानता था कि जो पार्टी अपना चुनाव चिन्ह झाड़ू रखकर देश की राजनीति से भ्रष्टाचार रूपी कूडा करकट साफ करने का प्रण लेकर आई थी अब वो उसी झाड़ू से सारी गंदगियाँ इकट्ठी कर के अपने ही घर में भर लेगी।

करीब दो साल पहले जब “आप” की सरकार बनी थी तब और कई लफड़ों के साथ एक मामला बहुत सुर्ख़ियो में रहा था, वो था केजरीवाल के खाद्यमंत्री संदीप द्वारा घर बुलाकर राशन कार्ड बनाने का। उनके राशन कार्ड बनाते हुए कई फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल भी हुए थे। शुरू शुरू में अपने आदतानिसार सरजी ने इसे बीजेपी की चाल बताते हुए टालने की कोशिश भी कि पर कई सबूतों और गवाहों के सामने आ जाने की वजह से ना चाहते हुए भी केजरीवाल को अपने मंत्री को उसके पद से हटाना पड़ा। ये अलग बात है कि पद से हटाए जाने के बावजूद भी संदीप के तेवरों में कोई कमी नहीं।

सुना है जब केजरीवाल ने अपने आवास में बुलाकर मुख्य सचिव को पिटवाया था तब इनके राशन कार्ड बनाने में एक्सपर्ट मंत्रीजी भी वहीं मौजूद थे।

अब वो वहाँ किसका राशन कार्ट बनाने ये बनवाने हए थे,ये शोध का विषय हो सकता है.. खैर…

तो ये तो अबतक सब जान ही चुके है कि केजरी सरकार ने दिल्ली वालो से किए अपने हजारो वादों में से कोई भी वादा पूरा नहीं किया और अपने निकम्मेपन का सारा ठीकरा बडे भोलेपन से हमेशा की तरह LG के मत्थे फोड़ दिया।

दो सालो से जरा अधिक के कार्यकाल में केजरी सरकार ने सिवाय दूसरो पर ऊँगली उठाने, और ख़ुद को कर्मठ पर लाचार और पाक साफ बताने में कोई कसर नहीं छोड़ी यहाँ तक कि अपने सरकार की झूठी उपलब्धियाँ दिखाने के लिए जनता की मेहनत का बजारो करोड रूपया विज्ञापनों में फूँक दिया।

अभी केजरीवाल जी का सबसे नाक रगड़ रगड़ कर माफी का दौर खत्म भी नहीं हो पाया था कि CAG में इनका राशन घोटाला पकड लिया।

और जब ये घोटाला सामने आया तो उस राज से भी पर्दा फ़ाश हो गया कि क्यों केजरीवाल राशन की होम डिलिवरी की इतनी ज्यादा वकालत कर रहे थे।

अरे भई.. ये घोटाला हुआ ही ऐसा है जहाँ अॉटो, स्कूटर्स और रिक्शा में भर भर कर राशन वहाँ पहुँचाया गया जहाँ कोई राशन कार्ड वाला बंदा था ही नही। जी हाँ !! बिल्कुल सही समझे आप, राशन गलत तरीक़ों से फर्जी राशन कार्ड के नाम पर केजरी सरकार के क़रीबी व्यापारियों को पहुँचाया गया। अगर LG से राशन की होम डिलिवरी वाला बिल पास कर देते तो आज ये घोटाला शायद ना पकड़ा जाता और ना ही फर्जी राशन कार्ड बनाने का घोटाला ही सामने आता। जिन गरीबो को अपने फटी सैंडल, ढीली शर्ट दिखाकर, ख़ुद को उन जैसा गरीब, मजलूम और आम इंसान दिखाकर केजरीवाल ने वोट बटोरे, उन्ही गरीबो के हक का राशन चुरा कर उनके और इनके मासूम बच्चो के भूखे पेट पर लात मारते वक्त जरा सी भी आत्मा नहीं काँपी क्या केजरीवाल की?? लानत है ऐसी सत्ता लोलुपता पर।

वैसे सोचने की बात ये भी है क्या कि उस रात सरजी के घर पर सचिव की पिटाई के साथ साथ वहाँ फर्जी राशन कार्ड बनाने पर भी चर्चा हुई थी और इसिलिए संदीप कुमार वहाँ मौजूद थे?

खैर से अब ये करोडो का घोटाला सामने आ ही चुका है और अपने आदतानुसार केजरीवाल ने LG,BJP और केंद्र सरकारों के नाम पर बिल भी फाड़ दिया है।

सबको याद तो होगी ही ना कि सरकार बनते ही केजरीवाल की सबसे पहली मांग थी कि ACB,CAG और Police उनके कंट्रोल में दिए जाए.. क्या इसकी वजह यही भ्रष्टाचार था?

क्या केजरीवाल सारी ताक़त अपने हाथो में रखकर मजे से भ्रष्टाचार करना चाहते थे और पकडे जाने का डर भी नहीं होता। अति महत्वाकाँक्षी केजरीवाल जल्द से जल्द दूसरे राज्यों में भी चुनाव जीतकर अपनी पार्टी को National level पर BJP का विकल्प बनना चाहते है और सब जानके है कि चुनाव मतलब पैसा, पार्टी फंड.. आदि

इसलिए ये सब घोटाले हो रहे है…

खैर आप का राशन कार्ड बनाने से राशन चुराने का सफ़र इतना भी चौंकाने वाला नही… क्योंकि

It was not unexpected ..

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1 COMMENT

  1. लगता है माही जी आप भी दिल्ली की रहनेवाली हैं, इसीलिए AAP सरकार के कार्यों का इतना सटीक विश्लेषण किया है। रही बात हमारी तो हमने तो गुजरात में उनको उनकी औकात दिखा दी है।