गणपति बप्‍पा की मूर्ति के विसर्जन (Ganesh Visarjan) के दौरान हजारों की भीड़ की मानवता और अनुशासन का अनोखा वीडियो सामने आया है। हजारो की भीड़ के बीच जहाँ पर एक बाइक तक निकलने की जगह नही थी वहाँ से एक पूरी एंबुलेंस निकल गई यह जानकारी वायरल हुए एक वीडियो से प्राप्त हुई है।

दरअसल लक्ष्‍मी रोड पर विसर्जन के लिए चारों तरफ भक्‍तों की भारी भीड़ जमा थी। हजारों श्रद्धालु ढोल-नगाड़े के साथ गणपति बप्‍पा की मूर्ति के विजर्सन के लिए जा रहे थे लेकिन तभी पीछे से अचानक एंबुलेंस आ गई। फिर क्‍या था, सारे ताम-झाम को अचानक रोक दिया गया। हजारों की भीड़ एकदम दो हिस्‍सों में बंट गई। पूरी मेन सड़क पूरी तरह साफ हो गई। कुछ लोगों ने एंबुलेंस को गाइड किया और वह आराम से वहां निकल गई।

भारत में ईश्वर के प्रति लोगो का अटूट विश्वास है और वह इस विश्वास को अपनी आस्था से व्यक्त करते है। इन्ही में से एक त्यौहार है गणेश चतुर्थी जिसमे लोग गणेश जी को धूमधाम से स्थापित करते है, और लगभग 11 दिन बाद इन्हे विसर्जित कर फिर से जल्दी आने की कामना करते है।

हालांकि 10 दिनों तक चलने वाले गणेश महोत्सव (Ganesh Utsav) संपन्न तो हो गया, लेकिन जाते-जाते हादसे के बाद माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दिन गुरुवार को प्रतिमा विसर्जन (Ganesh Immersion) के दौरान पिछले 24 घंटे में अलग-अलग जगह 17 लोगों की डूबने से मौत हो गई, जबकि पांच लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

विसर्जन के दौरान अमरावती में चार, रत्नागिरी में तीन, नासिक, सिंधुदुर्ग, सतारा जिलों में दो-दो, ठाणे में एक धुले, बुलढाणा और भंडारा जिलों में एक-एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई। इसके अलावा विसर्जन के लिए गए करीब 5 अन्य लोग लापता हैं और उनके भी डूबने की आशंका है। गणेश चतुर्थी के साथ दो सितंबर को गणपति उत्सव शुरू हुआ था।