लालू खानदान में वर्चस्व की लड़ाई एक बार फिर उभरकर सामने आई है। चारा चोरी के आरोप में जेल में सजा काट रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव ने एक बार फिर बगावती सुर अपनाए हैं। उन्होंने कहा है कि पिता की अनुपस्थिति में उन्हें बोलने नहीं दिया गया। महागठबंधन के मंच पर भाषण ना दे पाने की वजह से उनका यह दर्द छलका है।

दरअसल, गुरुवार (16 मई) को बिहार के पाटलिपुत्र में महागठबंधन की रैली थी, जिसमे मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, तेजप्रताप यादव तथा उनकी बड़ी बहन व पाटलिपुत्र से महागठबंधन की प्रत्याशी मीसा भारती सहित कई नेता मौजूद थे। सभी बड़े नेताओं को भाषण देना था और तेजप्रताप यादव का भी नाम भाषण देने वालों में था। राहुल गांधी ने अपनी बात खत्म करके तेजप्रताप को भाषण के लिए इशारा भी किया, लेकिन मंच पर से अपना नाम एलान ना होने की वजह से वो नाराज हो गये। इसके बाद उन्होंने ट्वीट करके कहा, “मेरे आदरणीय पिता की अनुपस्थिति में मुझे बोलने का मौका नहीं दिया गया। मुझे आपकी याद रही है, पिताजी।”

देखा जाए तो पिछले दो तीन महीनों में लालू खानदान में दोनों भाईयों (तेजप्रताप और तेजस्वी) के बीच वर्चस्व की लड़ाई खुलकर सामने आ गई है। हाल ही में तेजप्रताप ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट लिखकर सारण की जनता से अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी को वोट ना देने का निवेदन किया था। इसके अलावा एक बार जब वो अपनी मां के अपनी बहन के समर्थन में प्रचार के लिए निकल रहे थे, तो रिपोर्टर ने राबड़ी देवी से परिवार के अंतर्कलह के बारे में पूछा तो राबड़ी देवी ने सब ठीक होने की बात कही, जबकि तेजप्रताप ने कहा कि जो सच्चाई है, वो बाहर आती रहती है।