केंद्रीय मंत्री की बहन फरहत नकवी और निदा खान को हलाला और ट्रिपल तलाक के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से इस्लाम से खारिज करने का फतवा AIMPLB ने जारी किया हैं, इसी मुद्दे पर आज मंगलवार को टीवी पर लाइव डिबेट में बेहद शर्मसार कर देने वाली घटना घटी।

मामला यह हैं कि “जी हिंदुस्तान” के डिबेट शो “बताना तो पड़ेगा” पर निदा खान और फरहत को इस्लाम से खारिज किये जाने वाले मुद्दे पर बहस छिड़ी हुई थी, इसमे सामाजिक कार्यकर्ता अम्बर जैदी, सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील फराह फैज जो लंबे समय से ट्रिपल तलाक और हलाला जैसी कुरीतियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं, और आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मौलाना एजाज अरशद काजमी बतौर मेहमान के तौर पर शामिल थे।

तीखी बहस के दौरान एजाज अरशद काजमी ने पहले तो अम्बर जैदी को अपशब्द कहे और इसके बाद फराह फैज से मारपीट करने लगे। लाइव डिबेट शो में अरशद काजमी फराह फैज को तड़ातड़ थप्पड़ों से पीटने लगे। स्टूडियो में मौजूद बाकी के मेहमानों और स्टाफ ने दौड़ कर फराह फैज को मौलाना के चंगुल से छुड़ाया।

सोचिए नेशनल टीवी पर जिस तरह से यह जाहिल मौलाना फराह फैज को पीट रहा हैं उसे देख कर यह महसूस होता हैं की यह लोग किस प्रकार से अपने घरों में रहते होंगे महिलाओं के साथ कितना अत्याचार करते होंगे और दुर्भाग्य की बात है कि इन्हें कुछ पार्टी समर्थन भी देती हैं और राजनीति करती हैं। ये लोग सभ्य समाज के नाम पर बदनुमा धब्बा हैं। ऐसे लोग आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में बैठे हुए हैं सोचिए कि यह महिलाओ को किस प्रकार का न्याय देते होंगे?

यह मौलाना इसी लिए देश में शरीया कानून चाहते हैं, ताकि ये अपनी मर्जी से मुस्लिम महिलाओं पर अत्याचार करते रहें, क्या मुस्लिम महिलाएं अपने हक की लड़ाई भी नहीं लड़ सकती हैं? लेकिन देश मे असहनशीलता और अभिव्यक्ति की आज़ादी का झंडा बुलंद करने वाले लोग इस मसले पर चुप रहेंगे, महिला आरक्षण पर प्रदर्शन करने वाले नेता चुप रहेंगे, सही मायने में यह हैं असहिष्णुता लेकिन इस असहिष्णुता पर सभी मुंह मे दही जमा लेंगे।

फिलहाल पुलिस ने मौलाना कासमी की इस शर्मनाक हरकत के लिए टीवी स्टूडियो से ही गिरफ्तार कर लिया हैं। हमारी सरकार से मांग हैं कि मौलाना कासमी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि यह महिलाओ की इज्जत करना सीख सके और इन्हें कानून के डंडे से बताया जाए कि देश मे शरीयत नही संविधान चलेगा। यहां औरत हो या मर्द सबके लिए बराबर के अधिकार हैं, महिलाओ को पैर की जूती समझने वाले तालिबानी मानसिकता वाले लोगो की जगह सिर्फ जेल की सलाखें हैं।

लाइव टीवी पर मौलाना द्वारा की गई मारपीट का ट्वीटर पर भी जमकर विरोध शुरू हो गया हैं।

जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस घटना पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा

खेमचंद शर्मा ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए लिखते हैं

साहेब नाम से एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि इनके खिलाफ फतवा क्यो नही निकाला जाता