केंद्रीय मंत्री एवं ओडिशा से भाजपा सांसद प्रताप चन्द्र सारंगी ने सोमवार को लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव देते हुए अपना पहला भाषण दिया। प्रताप सारंगी ने भाषण के दौरान कई बार ऋग्वेद, गीता, रामचरित मानस और वेदों के मंत्रों, श्लोकों और सूक्तियों का उल्लेख किया। उनके पूरे भाषण में सनातन संस्कृति की महानता नज़र आयी।

उन्होंने सबसे पहले कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए पूछा, ‘जो लोग भारत के टुकड़े-टुकड़े करने तक जंग रहेगी, पाकिस्तान जिंदाबाद और अफजल गुरू जिंदाबाद के नारे लगाते हैं क्या उन्हें देश में जीने का अधिकार है?’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सरकार बनने के बाद ही कहा था कि वह प्रधान सेवक हैं और यह सरकार गरीबों के लिए है। उन्होंने इस बात का पालन करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि यह पहली सरकार है और मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने हर साल विभिन्न स्थानों पर जाकर अपने कामकाज का हिसाब जनता को दिया। इसीलिए जनता ने काम के आधार पर फिर मोदी को चुना है। हम जनता के आभारी हैं।

सारंगी ने कहा कि 1971 में जब तत्कालीन जनसंघ नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रशंसा में कोई कसर नहीं छोड़ी थी तो आज कांग्रेस एवं विपक्ष को मोदी की प्रशंसा में झिझक क्यों है?

उन्होंने कहा कि सरकार को सांप्रदायिक दर्शाने और नोटबंदी, जीएसटी और अन्य विषयों को लेकर नकारात्मक छवि पेश करने का प्रयास किया गया लेकिन जनता ने विपक्ष के महागठबंधन के प्रयासों को धता बताते हुए एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि सत्यमेव जयते। सत्य ही सर्वोपरि है। झूठे के बादलों से सच को नहीं छिपाया जा सकता।

इसके बाद उन्होंने यूपीए सरकार के घोटालों पर तंज कसते हुए कहा, कांग्रेस नीत संप्रग के समय नीतिगत पंगुता थी और घोटाले पर घोटाले हो रहे थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री मूकदर्शक बने रहते थे। उन्होंने कांग्रेस के प्रथम परिवार (नेहरू-गांधी परिवार) की भी आलोचना की जिस पर विपक्षी पार्टी के सदस्यों ने कड़ा ऐतराज जताया। सदन में मौजूद संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी भी सदस्यों को विरोध करने के लिए संकेत करते हुए देखी गईं। कांग्रेस के सदस्यों ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर व्यवस्था का प्रश्न नहीं उठाया जाता।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधना जारी रखा। अपने भाषण में आगे कहा कि इस बार जनता ने सामंतियों को हराया और साबित किया कि वंशवाद को लोग पसंद नहीं करते। उन्होंने कहा कि अमेठी संसदीय सीट से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराया और उन्हें केरल जाना पड़ा। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”अब समय आ गया है कि कांग्रेस आत्मनिरीक्षा करे।”

इसके बाद सारंगी ने रामायण में राम-कैकेयी संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि कैकेयी ने राम को वनवास भेजा तभी राम भगवान को पूरे देश ने जाना और नायक माना। ठीक इसी तरह कांग्रेस के हम आभारी हैं कि कांग्रेस ने इतने घोटाले न किये होते, देश का बेड़ा गर्क न किया होता तो आज नरेंद्र मोदी को जनता इतना महान ना मानती।

इस दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। दोनों को भी सारंगी के भाषण के दौरान कई बार मुस्कराते हुए देखा गया। सारंगी ने आपातकाल का भी उल्लेख किया और कांग्रेस पर संविधान का अपमान करने और लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया। उन्होंने सिख विरोधी दंगों (1984) के लिए भी विपक्षी दल को आड़े हाथ लिया। सारंगी ने कहा कि संतों का अपमान किया गया, उसी का परिणाम है कि कांग्रेस को विपक्ष के नेता का भी पद नहीं (रिपीट नहीं) मिला।

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