कांग्रेस के समर्थन से बनी कर्नाटक की एचडी कुमारस्‍वामी की सरकार एक बार फिर खतरे में हैं। खबरों की मानें तो कांग्रेस के कई विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और मुंबई स्थित एक होटल में ठहरे हुए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि येदियुरप्पा के नेतृत्व में भाजपा कांग्रेस जेडीएस के विधायकों को तोड़ने का काम कर रही है और उन्हें पैसों की पेशकश की जा रही है। हालांकि बीजेपी ने इस बात से इनकार किया हैं।

आपको बता दें कि कर्नाटक राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद से ही ऐसी खबरें सामने आ रही थी कि कांग्रेस-जेडीएस के कुछ विधायक सरकार से नाराज चल रहे हैं। मंत्री पद गंवाने वाले विधायक विधायक रमेश जरकिहोली ने तो मंत्री पद छिनने के बाद इस तरह के संकेत दिए हैं कि वह विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री कुमार स्वामी भी कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं कि, कांग्रेस उन्हें एक क्लर्क की तरह काम करने के लिए मजबूर कर रही हैं। उनके इस बयान से कांग्रेस के नेताओ में भी नाराजगी हैं। दूसरी तरफ निर्दलीय विधायक आर. शंकर और बीएसपी विधायक एन. महेश को कैबिनेट से निकाले जाने के बाद इन नेताओं ने गठबंधन से किनारा कसने की खबरे आ रही हैं।

वही कर्नाटक की राजनीति में दखल देने वाले एक सूत्र के जरिये हमे पता चला हैं की निर्दलीय और कांग्रेस के 16 असन्तुष्ट विधायक विधायक बीजेपी के सम्पर्क में हैं। उसने दावा किया हैं कि यदि सब ठीक हुआ तो मकर संक्रांति के बाद कर्नाटक में नई सरकार बन सकती हैं। राजनैतिक विश्लेषक का मानना हैं कि, यदि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस-जेडीएस एक साथ चुनाव लड़ती हैं तो बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती हैं। केंद्र में सरकार बनाने के लिए बीजेपी को कर्नाटक में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतना बेहद जरूरी हैं। यह तभी संभव है जब राज्य में बीजेपी की अपनी सरकार हो। ऐसा अनुमान हैं कि एक बार सत्ता से बाहर होने के बाद जेडीएस अकेले चुनाव लड़ेगी या फिर सर्वाइवल के लिए वह एनडीए में भी शामिल हो सकती है जिससे कांग्रेस का आत्मविश्वास टूट जाएगा।

ये है कर्नाटक में सीटों का गणित
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 224 में से 104 सीटें जीती थीं। इधर कांग्रेस सिर्फ 78 सीट, जनता दल सेक्‍युलर 38 और अन्‍य को 2 सीटों पर जीत मिली थी। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी थी, लेकिन उसके पास सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा नहीं था। ऐसे में जनता दल सेक्‍युलर ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई। इसके तहत जेडीएस के एचडी कुमारस्‍वामी मुख्‍यमंत्री बने।