गुरुग्राम में क्रिकेट खेलने के दौरान हुए विवाद को केजरीवाल ने दिया साम्प्रदायिक रंग, लगी फटकार

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गुरुग्राम के भोंडसी थाना क्षेत्र के भूप सिंह नगर में धुलंडी (फाग) के दिन क्रिकेट खेलने के दौरान दो समुदाय के बीच विवाद हो गया। इस घटना को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल साम्प्रदायिक रंग देकर हिन्दू मुसलमान के बीच नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे है ताकि दिल्ली में मुस्लिमो के वोट की फसल काट सके।

क्या है मामला?
अमर उजाला के मुताबिक, नया गांव के नजदीक स्थित भूपसिंह नगर में बृहस्पतिवार दोपहर को हिन्दू समुदाय के लड़के क्रिकेट खेल रहे थे, इस दौरान गेंद मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति को लग गई और उसने खेल रहे लड़कों के साथ मारपीट कर ली। कुछ देर बाद लड़कों ने अपने साथियों को बुला लिया और मारपीट करके गए व्यक्ति के घर पर धावा बोल दिया। उन्होंने काफी देर तक ईंट-पत्थर बरसाए। इतना ही नहीं, घर में घुसकर अलमारी और शीशे को तोड़ डाला। उन्होंने घर में मौजूद महिलाओं से भी बुरी तरह मारपीट की। इस घटना में 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसमे कुछ लोग हिन्दू समुदाय के भी है।

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गुरुग्राम पुलिस ने भी साम्प्रदायिक घटना से इनकार किया

घटना को दिया जा रहा है साम्प्रदायिक रंग
यह पूरी घटना क्रिकेट खेलने में हुए विवाद को लेकर है, इसका कोई साम्प्रदायिक ऐंगल नही है। ये लड़ाई दो गुटों के वर्चस्व की लड़ाई है। जहाँ पहले एक पक्ष ने क्रिकेट खेल रहे लड़कों को मारा, फिर उन लड़कों ने दूसरे पक्ष के लोगो को पीटकर अपना बदला लिया।

लेकिन अरविंद केजरीवाल ने दो शब्द देखे ‘हिन्दू और मुस्लिम’ और लग गए नफरत फैलाने के कारोबार में। उन्होंने मुस्लिमो को पीड़ित दिखाया की कैसे मुस्लिमो पर हिन्दू अत्याचार कर रहे है। पूरी घटना को हिन्दू और बीजेपी से जोड़ दिया। जबकि ऐसी कोई मीडिया और पुलिस रिपोर्ट नही है, जो यह साबित करती हो कि हिंसा में शामिल लोग बीजेपी कार्यकर्ता है। ऐसा लगता है जैसे वह समझते है की देश के सारे हिन्दू बीजेपी कार्यकर्ता है, और बीजेपी हिन्दुओ के हर गलत कार्य की जिम्मेदारी ले।

अरविंद केजरीवाल का डबल स्टैंडर्ड
जबकि दिल्ली में ही डॉक्टर नारंग की हत्या मुस्लिमो ने पीट-पीटकर कर डाली थी, यह खबर मीडिया की सुर्खियां बनी लेकिन केजरीवाल जी ने इस पूरी घटना पर ना तो कुछ बोले और ना ही पीड़ित परिवार से कोई मिलने कोई आम आदमी पार्टी का नेता गया।

दिल्ली में ही अंकित सक्सेना को मुस्लिम लड़की से प्रेम की सजा अपनी जान देकर चुकानी पड़ी, उस समय केजरीवाल ने इस घटना में मुस्लिमो का नाम नही लिया। आज तक अंकित सक्सेना के परिवार वालो को मुआवजा तक नही मिला। जब मुस्लिम आतंकवादी निकले, अपराधी निकले तो यही लोग उन्हें भटका हुआ बताकर उनका बचाव करते है जबकि यहाँ मामूली घटना को सांप्रदायिक रंग दे रहे है ताकि मुस्लिमो को ध्रुवीकरण किया जा सके।

केजरीवाल की इस ट्वीट पर कपिल मिश्रा ने उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए कहा ‘दिल्ली चुनाव को हिन्दू मुसलमान बनाने की कोशिश मत करो, बहुत महंगा पड़ेगा। अगर एक घटना में पूरे धर्म को गाली देना शुरू की जाए तो बहुत मुश्किल हो जाएगी आपके लिए।’

दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता तेजिन्दर पाल बग्गा ने भी अरविंद केजरीवाल की इस घटिया हरकत पर उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए कहा ‘अरविंद केजरीवाल लुच्चे नेता है।’

एक तरह धर्मनिरपेक्षता के तथाकथित ठेकेदार बनते है, दूसरी तरफ हर छोटे से छोटे मुद्दे में हिंदु मुसलमान करके साम्प्रदायिक नफरत के बीज बोने का का काम करते है। तुष्टिकरण में अंधे हुए केजरीवाल हिन्दुओ को नीचा दिखाने का कोई मौका नही छोड़ना चाहते है, अभी 2 दिन पहले उन्होंने हिन्दुओ के पवित्र निशान स्वस्तिक को झाडुओ से पीटते दिखाया था। इसके पहले हनुमान जी का भी अपमान करने से नही चुके थे, भगवान इन्हें सद्बुद्धि दे।

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Awantika Singhhttp://epostmortem.org
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