बुधवार (25 सितंबर) को भारतीय वायुसेना मिग-21 ट्रेनर विमान रूटीन मिशन के दौरान मध्यप्रदेश के भिंड-ग्वालियर बॉर्डर पार करते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमे सवार दो पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल हो गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई। इस विमान में एक ग्रुप कैप्टन यशपाल सिंह नेगी और एक स्क्वाड्रन लीडर सवार थे। वायुसेना ने ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ का आदेश दे दिया है।

हालांकि, ग्रुप कैप्टन यशपाल नेगी अब लड़ाकू विमान के पायलट नहीं हैं, लेकिन रूटीन मिशन के दौरान वह मिग-21 में उड़ान भर रहे थे। ग्रुप कैप्टन नेगी कोई साधारण पायलट नहीं हैं। हिंदुस्तान टाइम्स के हवाले से नाम न छापने की शर्त पर वायुसेना के दो शीर्ष अधिकारियों ने ग्रुप कैप्टन नेगी के बारे बताया कि नेगी 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना द्वारा सीमा पार पाकिस्तान के बालाकोट में किए गए ‘एयर स्ट्राइक’ के प्रमुख रणनीतिकार हैं।

एक अधिकारी ने बताया, “ग्रुप कैप्टन नेगी ऐसे अधिकारी हैं, जिन्होंने नई दिल्ली स्थित वायुसेना के पश्चिमी कमाण्ड के मुख्यालय में एरियल वारफेयर के लिए कमाण्ड और स्ट्राइक की योजना बनाई थी, जिसके लिए उन्हें स्वतंत्रता दिवस-2019 पर युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया। उनका सर्विस रिकॉर्ड अभी तक बहुत ही शानदार और त्रुटिहीन रहा है।

दूसरे अधिकारी ने बताया कि ग्रुप कैप्टन नेगी ग्वालियर एयरबेस से 6 नॉटिकल मील दूरी पर हुए दुर्घटनाग्रस्त मिग-21 टाइप-69 ट्रेनर एयरक्राफ्ट के दो पायलटों में से एक हैं। वह वर्तमान समय में कुलीन रणनीति और वायु समाघात विकास प्रतिष्ठान के कमाण्डेंट (Commandant of Elite Tactics and Air Combat Development Establishment) हैं।

बता दें कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में जैश आतंकियों के हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य ट्रेनिंग कैंप को ‘एयर स्ट्राइक’ में ध्वस्त कर दिया था। इस एयर स्ट्राइक में भारत ने मिराज-2000 विमानों कि इस्तेमाल किया था, जिसमे इजरायल निर्मित स्पाइस-2000 बम लोडेड थे, जो मजबूत से मजबूत छतों को भी भेदने में सक्षम हैं।