स्पेस टेक्नॉलजी को बढ़ावा देने के लिए यूनियन कैबिनेट ने 10,911 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है। यह बजट भारतीय स्पेस प्रोग्राम को नई ऊर्जा देगा। बुधवार को यूनियन कैबिनेट ने अपने इस फैसले पर अंतिम मुहर लगा दी। बजट में शामिल इस राशि से आगामी सालों में 30 PSLV और 10 रॉकेट्स को लॉन्च किए जाएंगे। इसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि इसरो के सबसे वजनी रॉकेट GSLV Mk III के लिए 4,338 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस रकम से GSLV Mk III 10 लॉन्चेज में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

यूनियन कैबिनेट ने 30 पीएसएलवी रॉकेट्स लॉन्च करने को भी हरी झंडी दे दी है। इसके लिए कैबिनेट ने बजट के रूप में 6,573 करोड़ रुपए जारी किए हैं। कैबिनेट मंत्री के अनुसार स्पेस मिशन के अतिरिक्ति भारत आने वाले महीनों में चंद्रयान-2 को भी लॉन्च करेगा।

बता दें कि GSLV Mk III प्रोग्राम बीते तीन से चार वर्षों में मोदी सरकार के नेतृत्व में बना है।

जो कि मेक इन इंडिया प्रोग्राम से भी जुड़ा है। इस प्रोग्राम की मदद से इसरो ना सिर्फ छोटी विदेशी सैटलाइट्स बल्कि चार टन से ज्यादा वजनी सैटलाइट्स को भी लॉन्च करने में सक्षम हो जाएगा।

इसरो चेयरमैन के सिवान ने कहा, कि ये इसरो के लिए खुशनुमा पल है। पीएसएलवी और जीएसएलवी रॉकेट लॉन्चेज के लिए कैबिन के अप्रूवल हमें और हमारे स्पेस प्रोग्राम्स को नई ताकत देगा। कम्यूनिकेशन, अर्थ ऑब्जर्वेशन और नैविगेशन आदि एरियाज में सैटलाइट लॉन्चेज की संख्या बढ़ने से न सिर्फ इसरो को बल्कि आम आदमी को भी फायदा पहुंचेगा।” उन्होंने कहा कि 40 रॉकेट्स के लिए भी वित्तीय मंजूरी लाइनअप में है।