संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने शनिवार (24 अगस्त) को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘‘ऑर्डर ऑफ जायेद’ से सम्मानित किया। यूएई का सर्वोच्च सम्मान पाने वाले नरेंद्र मोदी विश्व के चौथे राजनेता (गैर अरबी) हैं। इससे पहले यूएई रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, महारानी एलिजाबेथ द्वितीय एवं चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग को दे चुका है।

पीएम मोदी को यह सर्वोच्च सम्मान मिलने के बाद से एक तरफ जहां भारतीयों में खुशी है और इस्लामिक मुल्कों में भारत की साख बढ़ी है, तो वहीं दूसरी तरफ पीएम नरेन्द्र मोदी को ये पुरस्कार मिलने के बाद पाकिस्तान में ही पीएम इमरान खान की थू-थू हो रही है। हर कोई उन्हें कोस रहा है। वहीं पीएम मोदी पाकिस्तान की मीडिया में भी छाए हुए हैं। जबकि मीडिया और सोशल मीडिया में इमरान खान की पाकिस्तानी जनता जमकर फजीहत कर रही है।

दरअसल, वो इसलिए क्योंकि पीएम मोदी के यूएई दौरे से ठीक पहले पाकिस्तान सरकार ने यूएई सरकार को पीएम नरेन्द्र मोदी को सम्मान ना देने की अपील की थी, लेकिन यूएई ने पाकिस्तान को तवज्जो नहीं दी। जो कि पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका है। क्योंकि एक इस्लामिक मुल्क ने दूसरे इस्लामिक मुल्क को तवज्जो नहीं दी है।

सिर्फ पाकिस्तान सरकार ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन में पाकिस्तान मूल की ब्रिटिश सांसद नाज शाह ने भी यूएई से पीएम नरेन्द्र मोदी को इस पुरस्कार ना देने की अपील की थी। नाज शाह लेबर पार्टी की सांसद हैं। पाकिस्तान मूल की इस ब्रिटिश सांसद ने यूएई के सुल्तान वलीअहद शहजादा मोहम्मद बिन जायेद अल नहयान को बकायदा पत्र लिखकर एक तरह से अड़ंगा लगाने की कोशिश की थी।

लेकिन यूएई सरकार ने न तो पाकिस्तान की सुनी और न ही ब्रिटिश सांसद की। हालांकि, नाज शाह के इस पत्र के बाद ब्रिटेन की ही जनता ने उन्हें निशाने पर ले लिया था। लोगों ने उनके पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया में कमेंट लिखे की वह ब्रिटिश नागरिक होने से ज्यादा पाकिस्तानी लग रही हैं। लोगों ने कहा कि उन्हें ब्रिटेन की नहीं, बल्कि आतंकी मुल्क पाकिस्तान की चिंता सता रही है।

पीएम मोदी को ये सर्वोच्च सम्मान यूएई के संस्थापक शेख जायेद बिन सुल्तान अल नहयान के नाम पर किया गया है। इस साल उनकी जन्म शताब्दी मनाई जा रही है। पीएम मोदी को ये सर्वोच्च सम्मान मिलने के बाद पाकिस्तान की मीडिया में भी पीएम मोदी छाए हुए हैं। वहां के टीवी चैनलों से लेकर प्रिंट मीडिया में हर जगह इस पुरस्कार की चर्चा है। हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया ने इस पुरस्कार के बीच में कश्मीर मामले का राग जरूर अलापा है।

पाकिस्तानी मीडिया में पीएम मोदी को तवज्जो तो मिली है। लेकिन पाकिस्तानी पीएम इमरान खान निशाने पर आ गए हैं। टीवी चैनलों के डिबेट में हर कोई इमरान खान को कोस रहा है। हर कोई कह रहा है कि यूएई मुस्लिम देश है और वह पाकिस्तान का दोस्त है। फिर भी उसने पाकिस्तान सरकार का पत्र कूड़ेदान में फेंक दिया। ये पीएम इमरान खान और पाकिस्तान की सबसे बड़ी बेईज्ज़ती है। पाकिस्तानी जनता ये सवाल उठा रही है कि इसको रोकने के लिए पीएम इमरान खान ने क्या किया?