ऑस्ट्रिया की सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने देश से 60 इमाम और उनके परिवारों को देश से निकालने का फैसला लिया है। साथ ही सरकार विदेश से चंदा लेने वाली सात मस्जिदों को भी बंद करेगी। ऑस्ट्रिया ने इस्लाम के राजनीतिकरण और मस्जिदों की विदेशी फंडिंग पर रोक लगाने के लिए यह फैसला लिया है।

मस्जिदों की विदेशी फंडिंग पर लगी रोक

चांसलर सबैस्टन कुर्ज ने कहा कि सरकार विएना में एक कट्टरपंथी तुर्की राष्ट्रवादी मस्जिद को बंद कर रही है और 6 मस्जिदों का संचालन करने वाले समूह अरब रिलिजस कम्यूनिटी को भंग कर रही है। सरकार 2015 के एक कानून के तहत यह कार्रवाई कर रही है।

इस कानून के तहत धार्मिक समूहों को मिलने वाले विदेशी चंदे पर रोक है और साथ ही मुस्लिम समुदाय का कर्तव्य है कि वह ऑस्ट्रिया और उसके लोगों के प्रति सकारात्मक विचार रखे। 88 लाख की आबादी वाले ऑस्ट्रिया में मुश्किल से 6 लाख मुस्लिम हैं। इनमें से अधिकतक तुर्की के हैं या उनके परिवारवाले तुर्की के रहे हैं।

ऑस्ट्रिया के गृह मंत्री हर्बर्ट किकल ने बताया कि तुर्की-इस्लामिक सांस्कृतिक संगठन (एटीआईबी) के 60 इमाम के होम परमिट की जांच की जा रही है। किकल ने दावा किया कि दो मामलों में परमिट खत्म किए जा चुके हैं, जबकि पांच अन्य को परमिट देने से इनकार कर दिया गया है।

इस्लामिक कट्टरता के लिए देश में नहीं है कोई जगह 

अप्रैल, 2018 में सामने आई कुछ तस्वीरों में तुर्की से संबंधित मस्जिदों में बच्चों को पहले विश्व युद्ध का नाटक करते दिखाया गया था। प्रथम विश्व युद्ध में लाखों तुर्की मारे गए थे। तस्वीरों में बच्चों को तुर्की का झंडा ओढ़े और सैल्यूट करते दिखाया गया था। कुर्ज ने इसे इस्लामिक राजनीतिकरण करार देते हुए कहा कि कट्टरता के लिए ऑस्ट्रिया में कोई जगह नहीं है। पिछले साल हुए चुनाव में कुर्ज और उनकी सहयोगी पार्टियों ने आव्रजन नीतियों को कड़ा बनाने और धार्मिक कट्टरता को खत्म करने की बात कही थी। हाल में ऑस्ट्रियाई सरकार ने एलान किया था कि स्कूलों में पढ़ने वाली बच्चियों के चेहरा ढकने पर भी रोक लगाएगा।