जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) मसले को मुस्लिम समुदाय से जोड़ने की कोशिश पर पाकिस्तान (Pakistan) को कड़ी फटकार लगी है। यह फटकार भी किसी और ने नहीं बल्कि मुस्लिम देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने लगाई है। यूएई के विदेश मंत्री ने साफ कहा है कि कश्मीर मसले का मुस्लिम समुदाय से कुछ लेना-देना नहीं है। यह भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय विवाद का मुद्दा है।

द न्यूज इंटरनेशनल के मुताबिक, कुछ पाकिस्तानी अधिकारियों ने यूएई के विदेश मंत्री से कश्मीर के समर्थन में बयान दिलाना चाहा। इस पर समर्थन तो दूर अल नाहयान ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि इस्लामाबाद को कश्मीर को मुस्लिम समुदाय से जुड़ा मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि पाकिस्तान और भारत बातचीत के जरिए इस मसले को सुलझाएं।

दरअसल सऊदी अरब और यूएई के विदेश मंत्रियों ने बुधवार को जब पाकिस्तान का एकदिवसीय दौरा किया तो इस्लामाबाद ने कश्मीर को लेकर तमाम उम्मीदें बांध लीं लेकिन इन उम्मीदों को धाराशायी होने में जरा भी देर नहीं लगी।

इस दौरे में पाकिस्तान ने दोनों देशों के सामने कश्मीर पर कथित तौर पर मानवाधिकार उल्लंघन का राग अलापा लेकिन सऊदी-यूएई पर कोई असर नहीं पड़ा। समाचार एजेंसी आइएएनएस के मुताबिक पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने भी बुधवार को जियो टीवी के एक कार्यक्रम में कहा कि यूएई ने पाकिस्तान से कश्मीर के मुस्लिमों को मुद्दा नहीं बनाने को कहा है। मीर ने पाकिस्तान सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से यह बात कही।

बता दें, यूएई ने हाल ही में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा तो पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। कश्मीर मुद्दे पर अरब देशों का समर्थन नहीं मिलने पर पाकिस्तान मुस्लिम देशों के सबसे बड़े वैश्विक मंच इस्लामिक सहयोग संगठन से निकल जाने की भी सलाह दे रहे है।

गौरतलब है, 5 अगस्त को जब मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला किया, उसके बाद से पाकिस्तान दुनिया भर में प्रोपैगैंडा फैलाने की कोशिश कर रहा है कि कश्मीर में  मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है जिसकी मुस्लिम दुनिया में खतरनाक प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कहा था कि अगर कश्मीर को लेकर दोनों परमाणुशक्ति संपन्न देशों के बीच युद्ध होता है तो उसकी जिम्मेदारी दुनिया की होगी।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने पाक के इन तर्कों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। वहीं अभी तक, पाकिस्तान की कश्मीर को लेकर कूटनीति बुरी तरह असफल रही है और मुस्लिम देशों समेत किसी भी देश से उसे समर्थन नहीं मिला है।

चारो तरफ से निराश हो चुके पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी कूटनीतिक चुनौतियों के बारे में कहा था कि हम कितना भी इस्लाम की बात कर लें, भारत में उनके (अरब देशों) आर्थिक हित जुड़े हुए हैं। इसलिए पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना इतना आसान नहीं है।