कश्मीर का सपना देखने वाले पाकिस्तान की आर्थिक हालात लगातार खराब होती जा रही है। इस पर भारत से संबंध तोड़ना पाकिस्‍तान के लिए खुदकुशी करने जैसा कदम रहा है। बता दें ‘नया पाकिस्तान’ का नारा देकर सत्ता में आये इमरान खान ने देश को गहरी निराशा में धकेल दिया है। एक तरफ बेकाबू होती महंगाई तो दूसरी तरफ गैस और तेल के दामों में होती बढ़ोतरी सभी ने आम इंसान की हालत पतली कर रखी है।

आम आदमी का जीना हुआ मुश्किल

18 अगस्‍त 2019 को उनकी सरकार को एक साल पूरा हो गया। इस एक साल के दौरान वह हर मोर्चे पर पूरी तरह से विफल साबित हुए हैं। वर्ष 2011 के बाद पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि देश में मुद्रास्फिति की दर दहाई के आंकड़े को पार कर गई है। इतना ही नहीं सरकार के अपने अनुमान के मुताबिक इसके 11 फीसद तक बढ़ने की उम्‍मीद की गई है।

हर क्षेत्र में बढ़ी महंगाई 

पाक मीडिया के मुताबिक सीएनजी, पीएनजी, रुपये में गिरावट, जरूरत की चीजों के दाम और टैक्‍स में बढ़ोतरी से आम आदमी की जेब ढीली हो रही है। एक डॉलर की कीमत बीते एक वर्ष में 35 रुपये तक बढ़ी है। अगस्‍त 2018 में एक डॉलर की कीमत 123 थी वह अब बढ़कर 158 तक पहुंच चुकी है। वहीं पेट्रोल के दाम 95.24 रुपये से बढ़कर 117.84 तक हो चुके हैं और डीजल 112.94 रुपये से बढ़कर 132 रुपये के पार हो चुका है।

इमरान सरकार की काबलियत और उनकी विफलता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जब वह सरकार में आए थे तब सीएनजी की कीमत 81.70 रुपये थी जो अब 123 प्रति किग्रा तक पहुंच चुकी है। यह कीमत भी स्थिर नहीं है। उम्‍मीद की जा रही है कि यह अभी और बढ़ेगी।

रोटी ब्रेड और मक्खन खाने के लाले

चपाती और नान की कीमत इमरान के सत्‍ता में आने के बाद से दो रुपये से बढ़कर 12 रुपये तक हो चुकी है। इसके अलावा श्रीमल और ताफतान जो रोटी के ही एक प्रकार हैं की कीमत 40 रुपये तक हो चुकी है। यहाँ तक कि सरकार को इसकी बढ़ती कीमतें रोकने के लिए आपात बैठक तक करनी पड़ी।

ब्रेड और मक्खन खरीदने से लोग घबरा रहे हैं। छोटी ब्रेड का पैकेट 35 रुपए, मध्यम साइज की ब्रेड 56 रुपए और बड़ी ब्रेड का पैकेट 100 रुपए का बिक रहा है। वहीं, चार पीस वाला बन 55 रुपये और रस्क के पैकेट का दाम 80 रुपए है। चीनी की कीमत 72 रुपए प्रति किलो हो गई हैं।

कितने हैं सब्जियों के दाम

डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, कराची में अदरक 400 रुपए पहुंच गया है। लहुसन 320 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। तुरई 150 रुपए प्रति किलो, लौकी 120 रुपए प्रति किलो, बंदगोभी 80 रुपए प्रति किलो और शिमला मिर्च 120 रुपए पहुंच चुकी है। हरी मिर्च ने तो तड़के का स्वाद ही बिगाड़ दिया है, फुटकर बाजार में हरी मिर्च 100 रुपए रुपए किलो बिक रही है। चीन से इंपोर्ट होने वाला अदरक थोक बाजार में 280 रुपए प्रति किलो है। वहीं, ईरान का लहुसन 240 रुपए किलो के दाम पर बिक रहा है।

कितना महंगा बिक रहा सामान

प्रोडक्टदाम
प्याज64.69 रुपए प्रति किलो
टमाटर99 रुपए प्रति किलो
चीनी77.30 रुपए प्रति किलो
केले130 रुपए दर्जन
सरसों का तेल246 रुपए प्रति लीटर
दूध190 रुपए प्रति लीटर
दही122 रुपए प्रति किलो
मटन1009 रुपए प्रति किलो
केरोसिन151.25 रुपए प्रति लीटर
LPG सिलेंडर1362.50 रुपए (11 लीटर)
पेट्रोल113.18 रुपए प्रति लीटर
डीजल127.30 रुपए प्रति लीटर

खेती करने पर भी है आफत

इमरान खान सरकार के एक साल पूरा करने के बाद पाकिस्तान में खेती करना भी काफी महंगा साबित हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में एक बोरी यूरिया की कीमत 1850 पाकिस्तानी रुपया है। इसी तरह डीएपी खाद की एक बोरी की कीमत 3600 रुपये है। इसके अलावा बिजली की दरें भी काफी महंगी हैं। आज बिजली की दर 14 रुपये प्रति किलो वाट जा पहुंची है।

पाकिस्‍तान का विदेशी मुद्रा भंडार भी घटकर 8.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। पाकिस्‍तान सरकार ने स्‍टेट बैंक ऑफ पाकिस्‍तान से इस वित्‍त वर्ष में अब तक 4.8 लाख करोड़ रुपए कर्ज लिया हुआ है। य‍ह पिछले साल इसी समय तक 2.4 गुना अधिक था। राजस्‍व वसूली में कमी, सुरक्षा पर अधिक धन खर्च होने और विदेशी कर्ज में अधिक ब्‍याज दर अदा करने के कारण इस वित्‍त वर्ष के पहली तीन तिमाही में राजकोषीय घाटा काफी अधिक होने का अनुमान जताया जा रहा है।

बाजार पर रिसर्च करने वाली स्थानीय संस्थाओं के मुताबिक ऑटो, सीमेंट और फार्मास्यूटिकल्स जैसे उद्योगों के कच्चे माल के आयात की कीमतें और बढ़ेंगी। भारत के साथ ट्रेड बंद होने से महंगाई और बढ़ी है। वहीं, बढ़ती महंगाई और कम खपत की वजह से कुछ कंपनियों ने अपना कारोबार पाकिस्तान से समेटना शुरू कर दिया है।