वंदे मातरम मित्रों! मिलिट्री एंड इंटेलिजेंस सीरीज के पहले भाग की आखिरी कड़ी में आज हम पिछले पूरे वर्ष के दौरान हुए युद्धाभ्यासों का विश्लेषण करेंगे। इस श्रृंखला का अगला भाग हम कुछ दिन के अवकाश के बाद फिर शुरू करेंगे।

वर्ष 2018 भारत के लिए सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण रहा। एक तरफ हमने भारत-इजरायल निर्मित बराक-8 से सेना की शक्ति बधाई वहीं दूसरी तरफ S-400 सिस्टम की डील करके दुश्मन देशों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखा दी। चीन के स्ट्रिंग ऑफ पर्ल के जबाब में जहां भारतीय कूटनीति ने डायमंड नेकलेस की चाल चली तो वहीं मालदीव, श्रीलंका और भूटान में चुनाव के बाद भारत के प्रभुत्व का लोहा मनवा दिया। भारतीय जवानों के लिए जहां एक तरफ स्वदेशी बुलेटप्रूफ खरीदी गई वहीं वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए राफाल जैसे सौदे भी हुए। इधर मैं आप लोगों की जानकारी के लिए विशेष तौर पर बता दूँ कि सरकार ने सेना पर कितना खर्च किया है ये आप इसी बात से अंदाज लगा सकते हैं कि भारत दुनियाँ का सबसे बड़ा देश है जिसने सबसे ज्यादा सेना सम्बन्धी खरीद की है। इसका फायदा भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर और आन्तरिक स्तर दौनों पर हो रहा है, एक तरफ आतंकी बारदात कश्मीर से आगे नहीं बढ़ पा रही है वहीं दूसरी तरफ चीन जैसे देश भी डोकलाम मुद्दे पर हमें डरा नहीं सके।

मित्रों! ईरान और जापान से जहां हम रुपयों से ही व्यापार करेंगे वहीं कई देशों में भारतीय वीजा की ताकत बढ़ गई है। ये सब ऐसे ही नहीं हो रहा है, इसके पीछे है दमदार कूटनीति और दूरदर्शी सामरिक नीति। चलिये एक नजर डालते हैं 2018 के दौरान हुए युद्धाभ्यासों पर –

भारतीय वायुसेना के युद्धाभ्यास 

1. गगन शक्ति – 8 से 22 अप्रैल, 2018 तक चले इस युद्धाभ्यास का मकसद था – दो मोर्चों यानि पाकिस्तान और चीन के साथ संभावित युद्ध के लिए तैयार रहना। ये अभ्यास भारतीय वायुसेना का आंतरिक युद्धाभ्यास था इसमें कोई दूसरा देश सम्मलित नहीं था।

Gagan Shakti

2. पिच ब्लैक – 27 जुलाई से 18 अगस्त, 2018 तक ऑस्ट्रेलिया में चले इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के अलावा ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, नीदरलैंड, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, थाईलैंड और मलेशिया की वायुसेनायें भी सम्मिलित थी। ये अभ्यास हर दो साल में ऑस्ट्रेलिया में होती है और हर बार अलग अलग देशों की वायुसेनायें इसमें भाग लेती हैं। भारत ने पहली बार इसमें भाग लिया था।

3. भारतीय एवं मलेशियाई वायुसेना के बीच संयुक्त अभ्यास – ये अभ्यास मलेशिया के सुबांग एयरबेस पर 20 से 22 अगस्त, 2018 के बीच किया गया।

4. AVIA-INDRA – जिन लोगों को जानकारी नहीं है उनके लिए बता दूँ कि भारत यानि INDIA और रूस यानि RUSSIA संयुक्त युद्धाभ्यास करते आये हैं और इसका नाम INDRA होता आया है। चूंकि ये वायुसेना का अभ्यास था इसलिए इसका नाम Aviation के शुरू के 4 अक्षर भी जोड़कर AVIAINDRA नाम दे दिया गया। ये मुख्यतः दो फेज में सम्पन्न हुई।
पहला फेज 17 से 28 सितंबर, 2018 को रूस के लिपेटस्क में सम्पन्न हुआ था जबकि दूसरा फेज 10 से 22 दिसम्बर, 2018 को भारत के जोधपुर में सम्पन्न हुआ था।

AVIA-INDRA

5. COPE India – भारतीय और अमेरिकी वायुसेनाओं के बीच युद्धाभ्यास का चौथा संस्करण 3 से 14 दिसम्बर, 2018 के मध्य सम्पन्न हुआ। इसमें भारत के दो एयरबेस – कलाईकुंडा और पानागढ़ इस्तेमाल किये गए।

COPE India

6. SHIYUU Maitri 18 – जापानी और भारतीय वायुसेनायें ने इस युद्धाभ्यास में भाग लिया। चूंकि इसमें भारत-जापान ने पहली बार अपनी वायुसेनाओं के साथ युद्धाभ्यास किया था इसलिए सामरिक दृष्टि से इसका बहुत महत्व हो जाता है। ये अभ्यास भारत के आगरा एयर फोर्स स्टेशन पर 18 दिसंबर, 2018 को सम्पन्न हुआ था।

भारतीय थलसेना के युद्धाभ्यास 

1. VINBAX 1 – इसमें भारत और वियतनाम की थलसेनाओं ने पहली बार युद्धाभ्यास किया था। ये अभ्यास 30 जनवरी से 3 फरवरी 2018 तक भारत के जबलपुर में सम्पन्न हुआ। वियतनाम सामरिक दृष्टि से भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, 2018 में हमारे राष्ट्रपति रामनाथ कोबिन्द और आर्मी चीफ दौनों से इस देश का दौरा किया था इसके अलावा दक्षिणी चीन सागर में चल रहे विवाद में भारत कूटनीतिक तौर पर वियतनाम का समर्थन करता आया है इसका कारण है कि वियतनाम ने कई तेल निकालने का कॉन्ट्रैक्ट भारतीय तेल कम्पनियों को दे रखा है, इससे भारत हर हाल में इस देश के साथ अपना व्यापार मजबूत रखना चाहता है।

VINBAX 1

2. वज्र प्रहार – भारत और अमेरिका की थलसेनाओं के बीच बीकानेर में 12 दिन तक चलने वाला युद्धाभ्यास था ब्रज प्रहार।

वज्र प्रहार

3. शक्ति 4 – 31 जनवरी से 5 फरवरी 2018 तक फ्रांस में भारत और फ्रांस की थलसेनाओं का संयुक्त युद्धाभ्यास हुआ था शक्ति। ये हर दो वर्ष में एक बार होता है यानि 2016 में भारत में ये अभ्यास हुआ था। आपको याद दिलाना चाहूंगा कि उसी वर्ष भारत में गणतंत्र दिवस के दौरान फ्रांस की सेना ने भी परेड में हिस्सा लिया था।

4. LAMITYE 8 – 24 फरवरी से 4 मार्च तक चले इस युद्धाभ्यास में भारत और शेसेल्स की थलसेनाओं ने हिस्सा लिया था। ये अभ्यास शेसेल्स के माहे द्वीप पर हुआ था और ये हर दो वर्ष में एक बार आयोजित होता है। आपकी जानकारी के लिए इधर बता दूँ कि ‘LAMITYE‘ का मतलब शेसेल्स की स्थानीय भाषा में होता है दोस्ती। चूंकि ये देश अरब सागर में स्थित है इसलिए सामरिक दृष्टि से ये भारत के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है।

LAMITYE

5. खंजर 4 – भारत और क्रिगिस्तान की थलसेनाओं के मध्य 16 से 29 मार्च 2018 चला ये अभ्यास मिजोरम में सम्पन्न हुआ।

Khanzar 4

6. हरिमाउ शक्ति – भारत और मलेशिया की थलसेनाओं के मध्य हुआ ये युद्धाभ्यास 30 अप्रैल से 13 मई 2018 तक मलेशिया में सम्पन्न हुआ।

हरिमाउ शक्ति

7. विजय प्रहार – अप्रैल 2018 में भारत की थलसेना ने अपनी तैयारियां का जायजा लेने के लिए इस अभ्यास का आयोजन किया था। एक महीने तक देश के विभिन्न भागों में चले इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य संभावित खतरों (जैसे परमाणु हमला, रसायन हमला या जैविक हमला) से निपटना था।

Vijay Prahar

8. सूर्य किरण 13 – जैसा कि हम सब जानते हैं कि सूर्य किरण अभ्यास भारत और नेपाल की थलसेनाएँ हर वर्ष करती है। 2018 के दौरान ये अभ्यास 30 मई से 12 जून तक उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में सम्पन्न हुआ।

Sury Kiran

9. मैत्री – 6 से 19 अगस्त, 2018 के बीच थाईलैंड और भारत की सेनाओं ने थाईलैंड में मैत्री संयुक्त युद्धाभ्यास किया। ये अभ्यास भी हर वर्ष होता है और 2017 में ये हिमाचल प्रदेश में सम्पन्न हुआ था।

10. SCO Peace Mission – शंघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गनाइजेशन के सदस्य देशों ने इस युद्धाभ्यास में भाग लिया था। ये अभ्यास रूस के चेलयबिन्सक में 20 से 29 अगस्त 2018 तक चला। चूंकि भारत और पाकिस्तान दौनों ही इसके सदस्य बन चुके हैं इसलिए अब ये अभ्यास भी बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाता है।

SCO Peace Mission

11. Milex 2018 – 10 सितंबर को पुणे में हुए इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य था BIMSTEC देशों की थलसेनाओं का आपसी तालमेल बढाना। इस युद्धाभ्यास और इसके सामरिक प्रभाव पर हमने पहले से एक पोस्ट लिख रखा है। दरअसल भारत ने पाकिस्तान को कूटनीतिक तौर पर तटस्थ करना शुरू कर दिया है और इसी वजह से SAARC की बजाय BIMSTEC पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इस अभ्यास में नेपाल सरकार ने भारत आ चुकी अपनी सेना की एक बटालियन को वापस बुला लिया था वहीं थाईलैंड की सेना की टुकड़ी किसी कारणवश नहीं आ सकी थी।

Milex

12. नोमाडिक एलीफैंट 12 – भारत ये युद्धाभ्यास मंगोलिया के साथ करता आया है। इस वर्ष ये अभ्यास मंगोलिया में 10 से 21 सितंबर, 2018 तक संपन्न हुआ।

नोमाडिक एलीफैंट

13. KAZIND – नाम से ही पता चल रहा है कि ये युद्धाभ्यास कजाकिस्तान और भारत की थलसेनाओं के मध्य हर वर्ष आयोजित होता है। अब कजाकिस्तान भारत के लिए महत्वपूर्ण क्यों है इस विषय पर हमने अलग से लेख प्रकाशित कर रखा है। इस वर्ष ये युद्धाभ्यास कजाकिस्तान में 10 से 22 सितंबर तक चला और ये तीसरा संस्करण था। इसके पहले 2017 में ये भारत में सम्पन हुआ था।

KAZIND

14. युद्धाभ्यास 14 – भारत और अमेरिका के बीच चलने वाला संयुक्त युद्धाभ्यास का नाम भी युद्धाभ्यास ही है। पिछले वर्ष इसका आयोजन उत्तराखंड के चौभट्टिया में 16 से 29 सितंबर 2018 तक सम्पन्न हुआ था। इसकी शुरुआत ‘US आर्मी पैसिफिक पार्टनरशिप प्रोग्राम’ के तहत 2004 से हुई थी।

15. Dharma Guardian 1 – पहली बार भारत और जापान की थलसेनाओं ने युद्धाभ्यास किया। 1 से 14 नवम्बर, 2018 तक मिज़ोरम में चले इस युद्धाभ्यास का महत्व कूटनीतिक तौर पर बेहद ज्यादा है। एक तरफ पाकिस्तान-चीन साथ हैं तो उसका प्रतिरोध करने के लिए भारत जापान के साथ भी अपनी युद्धनीति को बढाने में लगा है।

Dharma Guardian

16. INDRA 10 – 18 से 28 नवम्बर तक झांसी में चले इस युद्धाभ्यास में रूस और भारत की थलसेनाओं ने भाग लिया। जैसा कि हम सब जानते हैं रूस भारत का बहुत ही पुराना रक्षा सहयोगी है इसलिए ये युद्धाभ्यास बहुत ही महत्वपूर्ण रहता है।

INDRA

भारतीय नौसेना के युद्धाभ्यास 

1. मालाबार युद्धाभ्यास – इस युद्धाभ्यास में भारत, जापान और अमेरिका की नौसेनाएं हिस्सा लेती हैं। 2018 में फिलीपींस – गुआम तट के पास इसका आयोजन 7 से 16 जून के मध्य हुआ था। आपकी जानकारी के लिये बता दूँ कि गुलाम द्वीप अमेरिका का हिस्सा है इसी वजह से ये अभ्यास उधर हुआ।

2. वरुण – भारत और फ्रांस की नौसेनाएं ये युद्धाभ्यास हर वर्ष करती हैं। 19 से 25 मार्च 2018 तक चला ये अभ्यास इस बार अरब सागर के गोआ तट के पास किया गया।

3. मिलन – भारतीय नौसेना की अंडमान कमान इस युद्धाभ्यास का आयोजन करती है। इसमें कई देशों की नौसेनाएं हिस्सा लेती हैं। इसके अंतर्गत ही 2018 में 10 दिवसीय अभ्यास हुआ।

4. MILES – 18 – ये अभ्यास मिलन के अंतर्गत 3 दिवसीय युद्धाभ्यास था। इसमें 8 देशों की 11 नेवल शिप्स ने हिस्सा लिया था। इन देशों में ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मलेशिया, म्यांमार, सिंगापुर, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल थे। भारत के नौ जहाजों से इसमें हिस्सा लिया था।

5. RIMPAC 2018 – (Rim of Pacific) ये अभ्यास दुनियाँ का सबसे बड़ा नौसैनिक युद्धाभ्यास होता है। इस इसमें भारत को मिलाकर कुल 26 देशों ने भाग लिया था हालांकि अमेरिका ने पहले चीन को भी इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था लेकिन बाद में नाम हटा दिया था। इसके बाद चीन ने स्वयं को अपमानित महसूस किया और उसके बाद से ही अमेरिका-चीन के रिश्ते तनाव से गुजर रहे हैं। इस बार इसका आयोजन हवाई द्वीप और कैलिफोर्निया के आसपास के तटों में किया गया।

6. Kakadu Naval Exercise – इसका आयोजन ऑस्ट्रेलिया ने किया था। भारत को मिलाकर कुल 25 देशों की नौसेनाओं ने इसमें हिस्सा लिया था।

7. Sahyog HOPTAC 2018 – तमिलनाडु तट के आसपास हुए युद्धाभ्यास में भारतीय तट रक्षक और वियतनाम ने हिस्सा लिया। वियतनाम सामरिक दृष्टि से भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है इस वजह से ये अभ्यास भी बहुत मायने रखता है।

SAHYOG

उम्मीद करता हूँ, मिलिट्री एंड इंटेलिजेंस सीरीज के पहले भाग का ये आखिरी लेख आपको पसन्द आया होगा। जल्द ही अगला भाग लेकर आपके समक्ष उपस्थित होऊंगा। आप सभी को गणतंत्र दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं, वंदे मातरम, जय हिंद। भारत माता की जय ??????