बंगलादेश सरकार भी रोहिंग्या शरणार्थियों से परेशान है। पिछले कुछ महीनों से ऐसी घटनाएं सामने आई है जिसकी वजह से बंगलादेश को उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गयी है। बता दें, म्यांमार में दंगा फसाद करके भागे तकरीबन 10 लाख रोहिंग्या मुस्लिमों ने बंगलादेश में शरण ले रखी है। अब बंगलादेश सरकार इनमें से एक लाख शरणरार्थियो को जबरन स्थानांतरित करने की योजना बना रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश सरकार ने करीब एक साल पहले भाशन चार द्वीप पर सड़कें, शिविर और बाढ़ से बचाने वाली दिवारें बनवानी शुरू कीं। एक परियोजना को पूरा करने में करीब 28 करोड़ डॉलर का खर्च आया। बंगलादेश की यही पर 1 लाख रोहिंग्या शरणरार्थियो को बसाने की तैयारी है। बंगाल की खाड़ी में स्थित इस द्वीप को निर्जन द्वीप भी कहा जाता है।

बंग्लादेश सरकार की योजना है कि इस द्वीप पर बनाए गए 1,440 घरों में करीब एक लाख रोहिंग्याओं को भेजा जाए। म्यांमार सीमा से सटे बांग्लादेश के कोक्स बाजार में स्थित शरणआर्थी शिविरों में इस समय करीब दस लाख शरणार्थी हैं। मामले में बंग्लादेश सरकार में एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि द्वीप पर निर्माण कार्य पूरा हो गया है और अगले महीने लोगों को वहां भेजा जाएगा।

हालांकि संयुक्त राष्ट्र, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और खुद रोहिंग्या शरणार्थियों ने सरकार की इस योजना पर सवाल उठाए हैं। दरअसल भाशन चार एक छोटा और तलछट से बना द्वीप है, जिसपर बाढ़ और तूफान आने का खतरा हमेशा बना रहता है। बता दें कि करीब बीस साल पहले बंगाल की खाड़ी में यह द्वीप बनना शुरू हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह द्वीप ऐसी जगह पर जहां मानसून में हमेशा बाढ़ का खतरा होगा।

वहीं, बंगलादेश ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं प्रकट की है। दरअसल बंगलादेश के दूरसंचार नियामक आयोग के प्रवक्ता जाकिर हुसैन खान ने कहा कि उनके पास ऐसी रिपोर्टें हैं कि रोहिंग्या शरणरार्थी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इस वजह से सरकार को अब कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, बंगलादेश अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को दांव पर नही लगा सकता।

यह पूछे जाने पर कि देश किस तरह के सुरक्षा खतरे का सामना कर रहा है, इस पर खान ने कहा कि शिविरों में हाल के एक सर्वेक्षण से पता चला कि वहां सेलफोन गैरकानूनी तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। पिछले महीने सत्तारूढ़ पार्टी के एक सदस्य की इस इलाके में हत्या कर दी गई और पुलिस ने इस हत्या के लिए रोहिंग्या को जिम्मेदार ठहराया।

खान ने बताया कि जब तक सेलफोन सेवाएं रोकी गई है तब तक ऑपरेटरों से कॉक्स बाजार जिले में शिविरों में हर दिन शाम पांच से सुबह पांच बजे के बीच डेटा और इंटरनेट सेवा निलंबित करने के लिए कहा गया है जिसका मतलब है कि केवल फोन कॉल ही की जा सकती हैं। बता दें कि बांग्लादेश के दूरसंचार नियामक निकाय ने ऑपरेटरों से देश के दक्षिणपूर्व में बेतरतीबी से फैले हुए शिविरों में सुरक्षा खतरे और फोन के गैरकानूनी इस्तेमाल का हवाला देते हुए मोबाइल सेवाएं बंद करने को कहा है।