केरल के पांच पादरियों पर पिछले कुछ वर्षों से एक विवाहित महिला के साथ यौन शोषण का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद केरल के द मलांकरा ऑर्थोडोक्स सीरियन चर्च ने इन सभी पांच आरोपी पादरियों को छुट्टी पर भेज दिया है। इन पर आरोप है कि इन लोगों ने एक महिला को ब्लैकमेल करके उसके साथ यौन शोषण किया है। चर्च की वर्किंग कमेटी के सदस्य और ट्रस्टी फादर ओमओ जॉन ने बताया कि इस मामले में सभी पांच पादरियों के खिलाफ जांच के लिए टीम का गठन कर दिया गया है। इन पांच पादरियों में से एक पादरी दिल्ली की चर्च का है।

कौन हैं ये पांचों आरोपी पादरी
इन पांचों पादरियों के नाम हैं- फादर जॉब मैथ्यू. फादर अब्राहम वर्गीज. फादर जेस के जॉर्ज. फादर जॉनसन वी मैथ्यू. फादर जीजो जे अब्राहम.

महिला को किया ब्लैकमेल

फादर जॉन ने बताया कि इन सभी पांच आरोपी पादरियों को निर्देश दिया गया है कि वह चर्च में किसी भी तरह की प्रार्थना से दूर रहें, ये सभी लोग शक के घेरे में, इन लोगों के भविष्य का फैसला जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही होगा। आपको बता दें कि चर्च को लिखे गए एक पत्र में पीड़ित महिला के पति ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी ने एक पादरी के सामने कंफेशन किया था और उनसे कहा था कि वह इस बात को किसी और को ना बताएं, चर्च के नियम के अनुसार कोई भी पादरी कंफेशन के बारे में किसी को बता नहीं सकता है, लेकिन पादरी ने उनकी पत्नी को ब्लैकमेल किया। शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में आठ लोगों का जिक्र किया है, लेकिन सिर्फ पांच लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है।

380 बार किया यौन शोषण

महिला का पति ने यह भी आरोप लगाया कि उसपर कई सेलेब्रिटीज चर्च के खिलाफ मामले को वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। जबकि फादर जॉन ने बताया कि शिकायत में पुलिस जांच की जरूरत नहीं है, शिकायत में पति ने कहा है कि एक पादरी ने उसकी पत्नी के साथ 380 बार यौन शोषण किया है, यही वजह है कि पति ने इस मामले में पुलिस शिकायत नहीं करने का फैसला लिया है। फादर का कहना है कि एक पादरी का महिला के साथ युवावस्था से ही संबंध था, जबकि दूसरे पादरी का महिला के साथ काम के दौरान संबंध बना था, जबकि तीसरे पादरी के साथ महिला का संबंध कॉलेज के दिनों में बना था। फादर जॉन का यह भी कहना हैं की उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर महिला का इन पादरियों के साथ प्रेम सम्बन्ध था जो कि बेहद हास्यापद और बचकाना तर्क हैं।

पति का क्या कहना हैं

पति ने अपनी शिकायत में जो बताया, उसके मुताबिक शादी से पहले पीड़ित महिला का एक पादरी ने शोषण किया। शादी के बाद महिला ने चर्च में एक पादरी के सामने इसका खुलासा किया। जिस पादरी के सामने उसने ये कबूला, उसने महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।पादरी ने धमकाया कि वो उसके पति को सब कुछ बता देगा। चुप रहने के एवज में उसने महिला को अपने साथ सेक्स करने के लिए कहा। उसने अपनी और महिला की तस्वीरें भी ले लीं। ये तस्वीरें उसने एक तीसरे पादरी को दिखाईं। इन तस्वीरें के सहारे उस तीसरे पादरी ने भी महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। ऐसे ही ये सिलसिला आगे बढ़ता रहा, और धीरे-धीरे सात से आठ पादरी इस सबमें शामिल हो गए। पति का कहना है कि फरवरी 2018 में उसे अपनी पत्नी पर शक हुआ, क्योंकि उसके ईमेल अकाउंट पर होटल का भारी-भरकम बिल आया था। उसे पता लगा कि उसकी पत्नी एक फाइव-स्टार होटल में रुकी थी। जब उसने बीवी से इस बारे में पूछा, तब ये ब्लैकमेल वाली बात पता चली। पति के मुताबिक, आरोपी पादरियों में से एक ने कम से कम 380 बार उसकी पत्नी का शारीरिक शोषण किया।

इससे पहले भी ऐसे मामले हो चुके हैं
2017 में केरल के कन्नूर जिले में एक कैथलिक पादरी पर एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने का इल्जाम लगा था. आरोप था कि पादरी ने उस लड़की का कन्फेशन सुनकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था. केरला कैथलिक रिफॉर्मेशन मूवमेंट. ये चर्च में सुधार की मांग करने वाला एक संगठन है. 2017 में इस संगठन ने बिशप हाउस के बाहर धरना दिया था. इनकी मांग थी कि पादरियों की जगह नन्स को महिलाओं के कन्फेशन्स सुनने चाहिए। वरना कई बार ऐसा होता है कि पादरी इन कन्फेशन्स की वजह से महिलाओं को ब्लैकमेल करते हैं, उनका शोषण करते हैं। मगर केरला बिशप काउंसिल ने इन मांगों को खारिज कर दिया था।