भारतीय बैडमिंटन स्‍टार पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप (World Badminton Championships) में स्‍वर्ण पदक (Gold Medal) लेने के लिए पोडियम पर पहुंचीं और उनके सामने भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा राष्ट्रगान के साथ धीरे-धीरे उपर उठने लगा तो वह भावुक हो गई और अपने आंसू नहीं रोक सकीं।

गौरतलब है कि यह उनका इस चैंपियनशिप में लगातार तीसरा और कुल पांचवां मेडल है। फाइनल में उन्‍होंने जापान की नोजोमी ओकुहारा को 21-7, 21-7 से हराया। सिंधु लगातार दो साल से वर्ल्‍ड चैंपियनशिप के फाइनल में हार रही थीं। लेकिन इस बार सिंधु ने तय कर लिया था कि वह स्‍वर्ण पदक जीतकर रहेंगी और उन्होंने ऐसा ही किया।

पोडियम से तिरंगा देख और राष्ट्रगान सुन सिंधु नही रोक पाई आंसू

मैच खत्म होने के बाद पीवी सिंधु जब मेडल लेने के लिए पोडियम पर पहुंचीं और उनके सामने भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा राष्ट्रगान के साथ धीरे-धीरे उपर उठने लगा तो वह अपने आंसू नहीं रोक सकीं। सिंधु राष्ट्रगान गाते हुए सिसकियां ले रहीं थीं और उनकी आंखों में भावनाओं का ज्वार उमड़ा हुआ था। पीवी सिंधु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिताब जीतने के मामले में अब तक की सबसे कामयाब भारतीय शटलर हैं। उन्होंने ओलिंपिक के अलावा वर्ल्ड चैंपियनशिप और ऑल इंग्लैंड टूर्नामेंट में मेडल हासिल किए हैं।

गौरतलब है कि ये उपलब्धि इसलिए भी महत्व रखती है क्योंकि अवार्ड समारोह के समय राष्ट्रगान सिर्फ उस देश का बजाया जाता है जिसके खिलाड़ी ने स्वर्ण पदक जीता है। रजत और कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियो के देश के राष्ट्रगान नहीं बजते।

पीवी सिंधू अपनी सफलता का श्रेय कोच गोपीचंद को देती है

हैदराबाद की पीवी सिंधु को यह कामयाबी आसानी से नहीं मिली है। इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत और कई त्याग किए हैं। सिंधु हर बड़े टूर्नामेंट के लिए अलग तरह से तैयारी करती हैं औऱ उसके लिए अपनी फिटनेस पर भी पूरा ध्यान देती हैं। सिंधु खाने-पीने की बहुत शौकीन हैं। आइसक्रीम और बिरयानी उनकी पसंदीदा चीजें हैं। ट्रेनिंग के दौरान सिंधु अपनी फिटनेस बनाए रखने के लिए इन चीजों से दूरी बना लेती हैं। सिंधु पिछले करीब 12 साल से गोपीचंद से बैडमिंटन का प्रशिक्षण ले रही हैं। वह खुद मानती हैं कि बैडमिंटन में उन्होंने जो कुछ सीखा और हासिल किया है, उसका श्रेय केवल गोपीचंद को जाता है।