सोशल मीडिया पर एक बॉलीवुड अभिनेत्री का दो वीडियो वायरल हैं। एक में वह पाकिस्तान के शहर लाहौर के शान में कसीदे पढ़ रही थी और दूसरे वीडियो में पाकिस्तान पर लानत भेज रही थीं। समझ में नहीं आ रहा था की अचानक से लाहौर पर बरसता ठंडा ठंडा पानी, आग की शकल क्यों अख्तियार कर गया? क्या हुआ इन दोनों वीडियो के बीच में? अभी कुछ दिन पहले मोहतरमा अपनी स्क्रीन सखियों के साथ हिंदुस्तान और देवीस्थान की ऐसी की तैसी कर रही थी, और इतनी पक्की सखियाँ आप को वास्तविक जीवन में और कही नसीब नहीं होंगी।

एक एक शब्द, कॉमा, फुलस्टॉप सेमीकोलन सब कुछ एक जैसा था, ऐसी रूहानी दोस्ती? इतनी जबरदस्त टेलीपैथी? अरे ऐसा रूहानी कनेक्शन न तो सलमान खान वाले जुड़वां में था, और ना ही वरुण धवन वाले जुड़वां में मिला, ऐसा अलौकिक बंधन? धन्य है ये स्क्रीन सखियाँ. एक सी तख्ती, एक से शब्द, एक ही जगह पर कॉमा अरे और तो और, ये बालिकाएं जो तख्तियां ले कर खड़ी थी, कमोवेश उनका आकर प्रकार भी एक सा ही था. हमारा राजनीतिक वर्ग भी इन सखियों से रश्क़ करता होगा और सोचता होगा काश यही अलौकिक कोरियोग्राफी हममें भी आ जाये, तो माननीय मोदी जी को पांच मिनट में चलता कर दें।

इतना अद्भुत अलौकिक रिश्ता। क्या पता कोई बॉलीवुड डायरेक्टर इस सांसारिकता से परे बंधन पर फिल्म भी बना रहा हो या बनाने की सोच रहा हो और रोल किसको मिलेगा? इन्ही अपूर्व और लोकोत्तर बंधनों से परे स्क्रीन सखियों को, और किसको. लेकिन इश्वर, अल्लाह, जीज़स, वाहे गुरु, साकार, निराकार, ब्रह्म या उसका जो भी नाम है, उससे करबद्ध प्रार्थना है की कठुआ जैसा काण्ड इस दुनियां क्या पूरे ब्रह्मांड में कही दुहराया न जाये।

 

इन कॉस्मिक सखियों में से एक हैं, स्वरा भास्कर जी, उनके ही दोनों वीडियो देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. एक में लाहौर की आन बान और शान को दुनियां में बेहतरीन माने जाने वाले शहरों जैसे न्यूयार्क, लंदन और पेरिस से बेहतर बता रही थी. हमारे अपनेपन और सम्मान सूचक शब्द “भैया” तक उनको थोड़ा हल्का लग रहा था, उनके “ज़नाब” शब्द के सामने. खैर सभी खुश थे और स्वरा जी भी खुश थी. फिर अचानक पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा दिखाने लगी। और कहने लगी की वह एक शरिया कानून द्वारा संचालित होने वाला देश है. अनसेक्युलर देश है. उन लोगों का शब्दों का चयन हमसे ज्यादे अजीब हैं. अब 180 डिग्री की कलाबाज़ी स्वरा जी ने क्यों दिखाई? इसकी थोड़ी जांच पड़ताल के बाद पता चला की इनकी ताज़ातरीन फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ पर पाकिस्तान ने बैन लगा दिया है। पाकिस्‍तान के सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्‍म सेन्सर (CBFC) ने बैन करने का फैसला लिया है। वजह यह बताई जा रही है कि फिल्म में अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है, जिस वजह से यह फैसला लिया गया है। अब ज़नाब आप हमारी फिल्म बैन करेंगे तो हम आप की आरती थोड़े ही उतारेंगे। हम भी आप की ऐसी की तैसी करेंगे। आप को क्या लगता है, आप हमारी फिल्म को बैन करेंगे, हम तब भी आप की शान में कसीदे पढ़ेंगे? अब इतने भी आइडियोलॉजिकल नहीं ठहरे हम. हमारे लिए प्रोफेशनलिज्म सबसे ऊपर है.

हम और हमारा बॉलीवुड प्रोफेशनलिज्म खाता हैं, प्रोफेशनलिज्म पहनता है, प्रोफेशनलिज्म ओढ़ता है और प्रोफेशनलिज्म बिछाता हैं. “प्रोफेशनलिज्म परमो धर्मः” हम लोग सर से पाँव तक प्रोफेशनल लोग हैं. हम और हमारे प्रोफेशनलिज्म के रास्ते में न तो आइडियोलॉजी आती है, न फेमिनिज्म न पडोसी प्रेम न ही कोई और प्रेम. तो बंधुओ, आप लोग भी ट्विटर, फेसबुक और सोशल मीडिया के अन्य धरातलों पर हमको गंभीरता से न लें. हम जो कुछ भी करते हैं वह हमारे प्रोफेशनलिज्म का ही हिस्सा होता है. किसी इज़्म या आइडियोलॉजी में पड़ गए तो लुटिया डूब जाएगी। सो जस्ट चिल गाइस।

अलका जी का ट्विटर पता : Alka Dwivedi (@alka_d)