क्या कभी आपने सोचा है कि अगर मीडिया ना होती तो क्या होता? जनता की ना जाने कितनी समस्याओं को बाहुबलियों द्वारा यूं ही दबा दिया जाता। एक मजबूत लोकतंत्र में सशक्त मीडिया उतना ही आवश्यक है, जितना कि देश को चलाने के लिए एक मजबूत सरकार की। आज हम आपको 5 ऐसे पत्रकारों को बारे में बताएंगे, जो इस समय हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में सबसे लोकप्रिय पत्रकार हैं, जिन्होंने अपनी निष्पक्ष पत्रकारिता और बेबाक तेवर से पूरी पत्रकारिता को बदलकर रख दिया।

ये लोग जब बोलते या लिखते है तो जनता इनको मंत्रमुग्ध होकर सुनती है। इनकी लोकप्रियता ऐसी है कि नेताओ और अभिनेताओ को इनसे रश्क हो। इनके कहे शब्द जनता के नजरिये को बदल कर रख देते है।

1. रोहित सरदाना

सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर एक्टिव रहने वाले रोहित सरदाना देश के जाने माने पत्रकार हैं और वर्तमान में ये ‘आजतक’ में बतौर एडिटर काम करते हैं। इसके पहले सरदाना लगभग 13 वर्षों तक जी न्यूज में भी काम कर चुके हैं। रोहित हर मुद्दों पर अपनी सटीक व बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते हैं। अगर कोई आम व्यक्ति या नेता इन पर तंज कसते हुए इनकी पत्रकारिता या इनकी कही गई बातों पर सवाल उठाता है, तो ये उसका जवाब इतना तीखा और सटीक देते हैं कि दुबारा वो व्यक्ति इनके ट्वीट के आसपास भी नहीं भटकता। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर उनके 50 लाख से ज्यादा प्रशंसक हैं।

जब ये जी न्यूज में कार्यरत थे, तब रोज शाम को 5 बजे ‘ताल ठोक के’ नामक डिबेट शो आता था। वर्तमान में ये ‘आजतक’ में रोज शाम को 5 बजे ‘दंगल’ नामक डिबेट शो लेकर आते हैं। सबसे बड़ी बात ये कि अपने डिबेट शो में रोहित राष्ट्रहित व समाजहित से जुड़े मुद्दों को बड़े ही जोर शोर से उठाते हैं। दर्शकों को रोज शाम को 5 बजने का बेसब्री से इंतजार रहता है और हर हफ्ते यह शो नंबर 1 के स्थान पर रहता है। इनमे एक सबसे खास बात यह है कि ये डिबेट शो के बाद लाइव चैट के माध्यम से दर्शकों से सीधे जुड़ते हैं और उनसे बातचीत करते तथा उनके सवालों का जवाब भी देते हैं।

रोहित को उनकी पत्रकारिता के लिए ढेरों पुरस्कार भी मिल चुके हैं, जिनमे दिल्ली एजुकेशन सोसाइटी की तरफ से बेस्ट न्यूज एंकर अवार्ड, गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार सहित कई पुरस्कार मिल चुके हैं। हाल ही में इन्हें उप-राष्ट्रपति वैंकेया नायडू के हाथों KIGA (Kalam Innovation in Governance Award) अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

2. स्वेता सिंह

स्वेता सिंह हिंदी पत्रकारिता क्षेत्र में एक जानी मानी महिला चेहरा हैं। मूलतः बिहार से ताल्लुक रखने वाली स्वेता लगभग 17 वर्षों से ‘आजतक’ में कार्यरत हैं। यूं तो वो सोशल मीडिया पर काफी कम एक्टिव रहती हैं, लेकिन जब भी ये कोई ट्वीट लिखती हैं, तो एक ही ट्वीट में कई लोगों के मुंह पर ताला लग जाता है। 1998 में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में कदम रखने वाली स्वेता ने 2002 में ‘आजतक’ से जुड़ने के पहले ज़ी न्यूज़ व सहारा के लिए भी काम किया है। इन्होंने अपना करियर एक स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के तौर शुरू किया था। उनका शो ‘सौरव का सिक्सर’ काफी मशहूर रहा, जिसके लिए 2005 में इन्हें स्पोर्ट्स जर्नलिज्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजेएफआई) द्वारा सर्वश्रेष्ठ खेल कार्यक्रम के लिए सम्मानित किया गया। स्वेता ने 2013 में बेस्ट न्यूज एंकर का खिताब भी जीता है।

स्वेता इकलौती पत्रकार हैं, जिन्हें बेस्ट ऐंकर, बेस्ट प्रोड्यूसर और बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड मिल चुका है। 2016 में स्वेता को अलग अलग समारोह में कुल 12 अवॉर्ड मिले थे, जो अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है। साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, बिज़नेस, राजनीति, एंटरटेनमेंट और खेल पत्रकारिता में उनका समान दखल है। स्वेता आजतक पर रोज़ रात 9 बजे दर्शकों को ‘ख़बरदार’ करती हैं और हर हफ़्ते कुछ ‘अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय’ भी लेकर आती हैं। ये मशहूर टॉक शो ‘सीधी बात’ को भी होस्ट करती हैं। इसके अलावा ये वंदे मातरम, श्वेतपत्र, हर हर गंगे नामक शो भी इनके कार्यक्रमों में शामिल हैं।

3. सुधीर चौधरी

सुधीर चौधरी हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में एक ऐसा नाम है, जो लगभग 26 से भी ज्यादा सालों से इस दुनिया में कायम है। साहित्य, राष्ट्रीय सुरक्षा व स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर गहन जानकारी रखने वाले सुधीर वर्तमान में ज़ी न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ हैं। ज़ी न्यूज़ के पहले इन्होंने सहारा समय, लाइव इंडिया व इंडिया टीवी जैसे चैनलों में भी संपादक के रूप में काम किया है। हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए इन्हें 2013 में ‘रामनाथ गोयनका अवार्ड’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। 13 दिसंबर, 2001 को संसद भवन पर हुए आतंकी हमलों के समय उन्होंने लाइव रिपोर्टिंग की थी। ज़ी न्यूज़ पर इनका डीएनए (डेली न्यूज एण्ड एनालिसिस) नामक प्राइम टाइम शो काफी मशहूर है, जिसमे राष्ट्र, समाज, स्वास्थ्य, खेल, तकनीकी व अलग अलग क्षेत्रों से जुड़ी हर खबरों का अच्छे से विश्लेषण करके समझाया जाता है। वह उस टीम का हिस्सा भी थे, जिसने अटल बिहारी वाजपेयी और परवेज़ मुशर्रफ़ के बीच हुई इस्लामाबाद की बैठक को कवर किया।

अभी हाल में उनकी कठुआ कांड की रिपोर्टिंग अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल की गई थी। इस केस में एक आरोपी विशाल जंगोत्रा को सिर्फ सुधीर चौधरी की निष्पक्ष और निडर रिपोर्टिंग की वजह अदालत ने आरोप मुक्‍त किया था। आपको बता दे जब यह कार्यक्रम सुधीर चौधरी ने किया था तब उन पर चौतरफा हमला हुआ था लेकिन वह डरे नही और सच से हटे नही।

4. रूबिका लियाकत

टीवी पत्रकारिता की दुनिया में तेज-तर्रार महिला एंकर के रूप में अपनी पहचान बना चुकीं रूबिका लियाकत एबीपी न्यूज़ की पत्रकार हैं। इससे पहले इन्होंने ज़ी न्यूज़ में भी लगभग 9 वर्षों तक काम किया है। इसके अलावा इन्होंने लाइव इंडिया व न्यूज़ 24 जैसे चैनलों में भी काम किया है। मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखने वाली रूबिका मूलतः राजस्थान के उदयपुर से हैं। ज़ी न्यूज़ में वह डिबेट शो ‘ताल ठोक के’ को होस्ट करती थीं, जबकि एबीपी न्यूज़ में प्राइम टाइम शो ‘मास्टरस्ट्रोक’ लेकर आती हैं। गौरतलब है कि रूबिका की हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी पर मजबूत पकड़ है और अपने इस हुनर का वो शब्दों के चयन में पूरा इस्तेमाल करती हैं।

इनकी भी फैन फॉलोइंग काफी ज्यादा है और वो इसलिए क्योंकि राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों व इस्लामिक कट्टरपंथियों के खिलाफ बेबाकी से अपनी राय रखती हैं। जिससे इस्लामिक कट्टरपंथी हमेशा उन्हें निशाना बनाने की कोशिश करते रहते हैं। आज के कुछ इस्लामिक कट्टरपंथियों की तरह वो ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ कहने में भी कोई हिचकिचाहट नहीं करतीं और इस्लामिक कट्टरपंथी उन्हें मुस्लिम होने का वास्ता देकर ऐसा ना करने के लिए भड़काते हैं। हाल ही में इस्लामिक कट्टरपंथियों ने उनकी इफ्तारी करते हुए व रक्षाबंधन की एक फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए भद्दे कमेंट्स भी किए थे। रूबिका कभी कभी बीजेपी समर्थकों के निशाने पर भी आ जाती हैं।

5. मानक गुप्ता

मानक गुप्ता न्यूज़ 24 के वरिष्ठ पत्रकार हैं एवं सालों से पत्रकारिता की दुनिया में जमे हैं। इनकी भी राय मिली जुली रहती है, जिसकी वजह से इन्हें बीजेपी समर्थकों व विरोधियों की नाराजगी भी झेलनी पड़ती है, लेकिन असल में राष्ट्रहित के मुद्दों पर इनकी भी राय उपरोक्त 4 पत्रकारों की तरह ही होती है। विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने वाले मानक गुप्ता ट्विटर पर भी बहुत पॉपुलर हैैं और सामाजिक मुद्दों पर तीखी टिप्पणियां करते हैं। गत वर्ष लखनऊ के तनवी असद पासपोर्ट कांड पर इन्होंने ट्वीट करते हुए तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से प्रश्न पूछा था, जिस पर हिंदुस्तान टाइम्स ने इन्हें ट्रोल बताया था। इसके बाद दक्षिणपंथियों ने मानक के समर्थन में हिंदुस्तान टाइम्स की जमकर क्लास लगाई थी।

इसके अलावा हाल ही में फरवरी 2019 में हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद देश के हरेक नागरिक के गुस्से को देखते हुए तथाकथित पत्रकार आरफा खानम ने पाकिस्तान से प्रेम-मोहब्बत की बात करने की वकालत की थी, तब मानक ने उन्हें तीखा जवाब देते हुए जमकर लताड़ लगाई थी। रोज शाम को 8 बजे ये ‘राष्ट्र की बात’ नाम डिबेट शो लेकर आते हैं, जिसे दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है।