एक तरफ भारत में जहां पाकिस्तान से जारी सारे संबंधों को खत्म करने की मांग जोर पकड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए कह दिया है कि भारत को सिर्फ एक आतंकी हमले की वजह से पाकिस्तान से रिश्ते खत्म नहीं करने चाहिए। देश में चारों तरफ आगामी क्रिकेट के एकदिवसीय विश्व कप में पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की मांग की जा रही है। बता दें कि इसी वर्ष जून में इंग्लैंड में क्रिकेट विश्व कप होने वाला है।

विश्व कप में पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने के मसले पर एक स्वघोषित निष्पक्ष पत्रकार एवं तथाकथित क्रिकेट विशेषज्ञ राजदीप सरदेसाई ने कहा है कि इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप में पाकिस्तान पर विशेष रूप से सिर्फ आतंकी हमले की वजह से प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है। ये वही पत्रकार हैं, जिन्होंने 2001 में संसद पर आतंकी हमले को लेकर उत्साह व्यक्त करते हुए खुद को ‘गिध्द’ कहा था।

राजदीप ने कहा कि जैसे भारत के बिना क्रिकेट विश्व कप अधूरा है, ठीक वैसे ही सिर्फ आतंकी हमले के कारण पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाना भी गलत है। उन्होंने कहा कि भारत केवल एकतरफा बहिष्कार करने का निर्णय ले सकता है। आगे उन्होंने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए कहा कि आतंकियों के कृत्यों को पूरे पाकिस्तान और वहां की सरकार से जोड़कर देखना गलत है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को मैच में हराकर बाहर करना चाहिए।

इंडिया टुडे के एक साक्षात्कार में राजदीप ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर से जब इस बारे में पूछा तो उन्होंने भी पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने की वकालत करते हुए कहा कि अगर भारत विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलता है, तो ये भारत की हार है। इससे पहले राजदीप ने मुंबई के क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में लगी पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान एवं प्रधानमंत्री इमरान खान की तस्वीर हटाए जाने पर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तानी पीएम को ‘डियर इमरान भाई’ लिखकर प्रेम पत्र भी लिखा था, जिसमे उन्होंने इमरान खान के आगे विनती की थी।

जो लोग विश्व कप में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने की वकालत कर रहे हैं, तो उन्हें बता दें कि अमेरिका ने वर्ष 1980 में यूएसएसआर द्वारा की गई ओलिंपिक खेलों की मेजबानी का बहिष्कार किया था तथा चार साल बाद वर्ष 1984 में यूएस द्वारा लॉस एंजिलिस में आयोजित ओलिंपिक खेलों का बहिष्कार यूएसएसआर ने किया था। क्योंकि उनके लिए देश की गरिमा से बढ़कर कुछ पैसों का खेल नहीं था। भारतीय क्रिकेट बोर्ड को भी विश्व कप से पाकिस्तान को बाहर करने की मांग करनी चाहिए और अगर ऐसा नहीं होता है तो भारत को विश्व कप से खुद बाहर हो जाना चाहिए। इसका समर्थन पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी किया है।

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