जब आप किसी के विरोध में अंधे हो जाते हो तो आपको सही और गलत में अंतर नहीं समझ आता है। आपको उस विरोध के कारण सामने वाले की अच्छाई में भी बुराई नज़र आने लगती है। ठीक ऐसा ही देश के प्रसिद्ध मीडिया हाउस NDTV के पत्रकार रविश कुमार के साथ है।

सिर्फ रविश के साथ ही नहीं बल्कि पूरी लेफ्ट-लिबरल मीडिया और विपक्ष के साथ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। बात यह है कि, हाल ही में मोदी सरकार ने अपना अंतरिम बजट पेश किया है। हालांकि, यह था तो अंतरिम बजट लेकिन इसने जनता का मन मोह लिया। मोदी सरकार के इस बजट में हर वर्ग का ख्याल रखा गया। लेकिन यह बजट विपक्षी एकता वाले गठबंधन के गले नहीं उतर रहा है। ऐसे में विपक्ष ने हो-हल्ला मचाना शुरू कर दिया। कमियां ढूंढ़ना शुरू किया। वहीं लेफ्ट-लिबरल मीडिया ने भी विपक्ष का पूरा साथ दिया।

खबरों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए फेमस एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार ने एक विचित्र गुणा-गणित करके यह सिद्ध किया है कि देश का रक्षा बजट 2016 के स्तर से भी कम हो गया है। रविश कुमार ने दो लोगों के ट्वीट्स के हवाले से सवाल खड़ा किया कि देश का रक्षा बजट 1962 के स्तर से भी कम हो गया है। एक ट्वीट के हवाले से उन्होंने कहा कि रक्षा बजट जीडीपी का 2 प्रतिशत ही है जो 1962 से कम है। इस तरह हर बार की तरह उन्होंने इस बार भी देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास किया और हर बार की तरह इस बार भी हम उनके एजेंडे का भंडाफोड़ करने जा रहे हैं।

रवीश कुमार द्वारा 1962 की तुलना करने की बात पर आते हैं।बता दें कि उस समय विश्वबैंक द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक देश की कुल जीडीपी 41.599 बिलियन डॉलर थी जो 2018 में बढ़कर 2.848 ट्रिलियन डॉलर हो चुकी है। यह आंकड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा जारी किया गया है। इसी तरह से नियमित अनुपात में और महंगाई बढ़ने के साथ-साथ रक्षा बजट में भी पर्याप्त वृद्धि होती आई है। इसलिए 2018 के रक्षा बजट की 1962 के आंकड़ों के साथ तुलना करना केवल जनता को बरगलाने का तरीका है। इस तरह की भ्रामक खबरें फैलाना रवीश कुमार जैसे पत्रकारों का नियमित काम बन चुका है। देश को ऐसी अफवाहों से सावधान रहने की जरूरत है।


बता दें कि मोदी सरकार के आने के बाद रक्षा बजट लगातार बढ़ता ही गया है। यहां तक कि इस साल देश का रक्षा बजट 3 लाख 18 हजार 931 करोड़ रुपये पहुंच गया है, ऐसा भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है। ज्ञात हो कि 2014 में देश का रक्षा बजट 2.039 ट्रिलियन डॉलर था जो आज की तारीख में बढ़कर 2.848 ट्रिलियन डॉलर हो गया है। जो यह साफ बताता है कि रक्षा बजट में भारी-भरकम मात्रा की बढ़ोत्तरी हुई है। इसके बावजूद कुछ मीडिया हाउस अपने अंध विरोध के कारण ऐसे घटिया तरीकों से देश की जनता को भ्रमित करने का प्रयास करती आ रही है।

सिर्फ यही नहीं रविश कुमार ने 5 लाख तक आय को करमुक्त करने के फैसले को भी गलत ठहराया है। आप खुद वीडियो देखिए।

इससे पहले हमनें रविश कुमार के अजीत डोभाल के बेटे के खिलाफ दुष्प्रचार करते हुए एक्सपोज किया था। हम आगे भी ऐसा करते रहेंगें।

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