हमनें आपको 2 दिन पहले बताया था कि अखिलेश यादव को प्रयागराज जाने से जब रोका गया तो उनके कार्यकर्ताओं ने जमकर गुंडागर्दी की। लेकिन इन ख़बरों के बीच एक खबर दब गई। वो थी अखिलेश यादव के एक अधिकारी के साथ बर्ताव को लेकर।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव जैसे ही गाड़ी से उतरते हैं, पुलिसकर्मी उन्हें सल्यूट करते हैं। वहीं, एडीएम वैभव मिश्रा नमस्ते करने के बाद अखिलेश यादव को रोकते हुए नजर आते हैं। इस दौरान अखिलेश यादव कहते हैं, ‘एक मिनट पहले बात बताइए, साइड में बात कीजिए, हाथ मत लगाना…हाथ मत लगाना, पहले बात करो, “तुम कितना पढ़े लिखे हो?”

उस अधिकारी ने तो पता नहीं बताया या नहीं लेकिन हम जरूर अखिलेश यादव को बताना चाहते हैं कि एडीएम वैभव मिश्रा कितना पढ़े लिखे हैं।

जानिए, कौन हैं एडीएम वैभव मिश्रा

वैभव मिश्रा प्रतापगढ़ जनपद की पट्टी तहसील क्षेत्र के गजरिया गांव के मूल निवासी हैं। उनके पिता एसपी मिश्रा भारतीय सेना में वॉरंट ऑफिसर के पद पर थे।वह जब पांच साल के ही थे तभी उनके पिता का देहांत हो गया था। वैभव मिश्रा ने लालगंज के रामअजोर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वह इलाहाबाद पहुंचे। जहां इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीए और पोस्ट ग्रैजुएशन करने के बाद जेआरएफ की पात्रता हासिल की। इसी बीच वैभव बिना कोचिंग की मदद लिए 2008 पीसीएस बैच के टॉपर बने।

अब अखिलेश यादव के प्रश्न पूछने का विश्लेषण करते हैं

अखिलेश का यह प्रश्न हर सभ्य मनुष्य को चुभना चाहिए कैसे नेता एक पढ़े लिखे अधिकारी से बेइज्जती से बात करते हैं। एक नेता जिसकी एकमात्र योग्यता उसका अपने पिता के घर पैदा होना है उससे पूछता है कितना पढ़े हो?

अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री को क़ानून समझाया कि सीआरपीसी में मजिस्ट्रेट का मौखिक आदेश मान्य होता है। यहाँ मेजिस्ट्रेट तुम्हारे सामने ही आदेश दे रहा है। इतनी बेसिक बात पूर्व मुख्यमंत्री को पता नहीं है और वो दूसरे के पढ़े-लिखे का मज़ाक बना रहे हैं।

क्या अखिलेश यादव ने पहली बार किसी अधिकारी के साथ बदतमीजी की है?

नहीं! बिल्कुल नहीं। जब बंगला विवाद हुआ था तब अखिलेश यादव ने कहा था कि जो मेरे कार्यकाल में चाय के कप प्लेट धोते थे। आज वही मुझे पूछताछ के दौरान परेशान कर रहे हैं।

जब आपको राजनीति विरासत में मिल जाती है तब ऐसे ही अहंकार चढ़ जाता है। संवैधानिक पद पर 5 साल रहने के बावजूद सामान्य शिष्टाचार तक सीख नहीं पाए और तंज कसते हैं दूसरे के पढ़े-लिखे होने पर। रही बात आपके पढ़े-लिखे होने की तो हम सबने देखा है आप कितना पढ़े हो। राफेल को 2 पायलट वाला बता रहे थे।

पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के निधन पर ‘हार्दिक श्रद्धांजलि’ दे रहे थे।

एक अधिकारी बनने में कितनी मेहनत लगती है तुम क्या जानो अखिलेश बाबू…

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