हाल ही में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने से बौखलाए पाकिस्तान ने भारतीय फिल्मों एवं टीवी सीरियलों के प्रचार एवं प्रसार के साथ ही कलाकारों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। पाक ने सभी भारतीय फिल्मों को बैन किया है। “कलाकार का कोई देश नहीं होता है” और कला का कोई धर्म नहीं होता है। ऐसा कहने वाले बॉलीवुड स्टार, पाकिस्तान के इस निर्णय से काफी गहरे आघात में हैं।

इन्हीं पाकिस्तान प्रेमी कलाकारों में से एक हैं बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर। जिन्होंने पाकिस्तान के निर्णय पर दुःख जताते हुए बीबीसी एशियन नेटवर्क से एक साक्षात्कार में कहा, ‘यह देखकर बहुत-बहुत बुरा लगता है कि वर्तमान स्थिति कहां जा रही है, परंतु मैं बड़ी देशभक्त हूं। तो मेरे लिए अच्छा यही होगा कि मैं चुप रहूं, और जो हो रहा है, उसे होने दूं, क्योंकि बुरे समय की तरह यह समय भी गुज़र जाएगा। मुझे लगता है हमारा देश 70 साल पहले तक एक था, और एक कलाकार होने के नाते आज ऐसी विभाजनकारी राजनीति को देखकर मुझे बहुत दुख होता है।

सोनम कपूर कहती हैं भारत की वर्तमान स्थिति बहुत बुरी है। हमारी वर्तमान स्थिति बहुत गलत दिशा में जा रही है। इसका मतलब सोनम कपूर क्या ये कहना चाह रही हैं कि अनुच्छेद 370 हटाना गलत है? हम जानना चाहते हैं कि हमारी वर्तमान स्थिति कौन सी बुरी है? अरे सोनम कपूर जी! वर्तमान स्थिति भारत की नहीं बल्कि आपके प्यारे मुल्क पाकिस्तान की बुरी है। बिचारे भूखे नंगे देश के पास खाने तक के लाले पड़े हैं।

सोनम कपूर किस एकता की बात कर रही हैं। पिछले 70 सालों में भारत पाकिस्तान के बीच इतनी ही एकता थी तो फिर 4-4 युद्ध क्यों लड़े गए? क्या एकता की वजह से ही पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकवाद द्वारा हमारे शहरों में आए दिन आतंकवादी हमले होते थे? जब तक भारत के नागरिक और हमारे सेना के जवान आतंकवादी हमले में और युद्ध मे शहीद होते रहे तब तक एकता थी। आज जब भारत ने दुश्मन देश के घर मे घुसकर जवाब देना शुरू किया तो सारी एकता खत्म हो गई। हम सोनम कपूर को बताना चाहते हैं कि ये नया भारत है। ये दुश्मन देश में घुसेगा भी और मारकर सुरक्षित लौटेगा भी। अगर इस पॉलिसी से कोई एकता भंग होती है तो कोई परवाह नहीं।

सोनम कपूर कह रही हैं कि भारत आज विभाजनकारी राजनीति कर रहा है। हम सबसे पहले तो सोनम कपूर से विनती करते हैं कि जाकर भारत का इतिहास पढ़ लें तब अपना ज्ञान बघारें तो बेहतर होगा। भारत 70 साल से विभाजित था। अब जाकर एक एक हुआ है।

सोनम कपूर आगे कहती हैं कि, एक कलाकार होने के नाते आप चाहते हो कि आपके काम को हर जगह दिखाया जाये और आपको हर जगह सराहा जाये। परंतु नीरजा को पाक में नहीं दिखाया गया, जबकि वो एक सच्ची कहानी थी और उसमें कुछ भी पाक विरोधी नहीं था। चूंकि उन्होंने वो फिल्म पाक में नहीं दिखाई, उससे मेरे दिल को काफी ठेस पहुंची। मेरी वहाँ पर बहुत बड़ी फ़ैन फॉलोविंग है और मेरे दो सबसे घनिष्ठ मित्रों में एक मुस्लिम और एक आधी पाकिस्तानी है’।

हम या हमारी सरकार चाहकर भी सोनम कपूर का दुःख कम नहीं कर सकती है। आपकी फ़िल्म को पाकिस्तान में नहीं दिखाया जाता है तो इसके लिए भारत सरकार  जिम्मेदार नही है। वैसे सोनम कपूर की बात तो सही है। सोनम कपूर की पाकिस्तान में जबरदस्त फैन फोल्लोविंग है तभी तो सोनम ने पाक के एक ऐड में काम किया था। वैसे ही और कुछ में काम करने का मौका मिल जाता लेकिन अब उनकी इस उम्मीद पर पानी फिर गया है।

इंटरव्यू में सोनम ने आगे कहा कि, ‘कश्मीर का मुद्दा मेरे लिए काफी जटिल है और मुझे इसके बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं है क्योंकि इस विषय पर बहुत ही विरोधाभासी और विपरीत खबरें आती रही है। ऐसे में मुझे इस बारे में कोई ज्ञान नहीं है कि सच क्या है। जब मेरे पास इस विषय पर पूरी जानकारी होगी तब मैं अपना मत सही तरीके से पेश कर पाऊँगी’।

मतलब सोनम कपूर खुद स्वीकार करती हैं कि उन्हें कश्मीर मसले में कोई जानकारी नहीं है। फिर भी वो 370 हटाने को गलत मानती हैं। भारत सरकार की नीति को विभाजनकारी बताती हैं। ये तो बहुत बड़ा दोगलापन हो गया। ज्ञान रत्ती भर का नहीं है और बातें बड़ी-बड़ी करनी है। वैसे सोनम कपूर के साहस की प्रशंसा होनी चाहिए कि उन्होंने कैमरे के सामने स्वीकार किया कि वो असल में डम्ब हैं।

सोनम कपूर के पाकिस्तान प्रेम का एक और उदाहरण देखिये

सोनम कपूर का ये पाक प्रेम पहली बार सामने नहीं आया है। ये वही सोनम कपूर है, जिन्होंने उरी हमले के बाद भारत का पाक कलाकारों के बॉलीवुड में काम करने पर लगे प्रतिबंध पर अपना असंतोष जताया था। एक ओर जहां दो देशों में तनाव चरम पर है, तो वहीं सोनम कपूर को केवल इस बात का दुःख है कि उनकी फिल्में हमारे पड़ोसी देश में नहीं दिखाई जायेंगी। ये अलग बात है कि उनके पाक प्रेम के बावजूद इनकी, ‘नीरजा’ और ‘वीरे दी वेडिंग’ जैसी फिल्मों पर पाक ने बैन कर दिया। फिर भी सोनम का पाक प्रेम कम होने का नाम नहीं ले रहा।