मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह कश्मीर मुद्दे पर लोगो को भड़काने और जनता के बीच डर का माहौल बनाने से बाज नही आ रहे है। उन्होंने कहा, “सरकार ने कश्मीर के लोगों को विश्वास में लिए बगैर, यह अच्छा नहीं किया। इससे वहां संकट बढ़ेगा। यह मत भूलिए कि कश्मीर के एक तरफ चीन है, एक तरफ पाकिस्तान है और पास में अफगानिस्तान है। कहां आपने देश को मुसीबत में डाल दिया है।”

बता दें, इससे पहले दिग्विजय सिंह ने 11 अगस्त को सीहोर जिले के दौरे के दौरान अनुच्छेद 370 के बारे में बात करते हुए कहा था, “मैंने आप लोगों से कहा था कि अगर धारा 370 हटी तो इसके गंभीर परिणाम होंगे, देखिए आज कश्मीर जल रहा है। इन्होंने (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) अपने हाथ आग में झुलसा लिए हैं। कश्मीर को बचाना हमारी प्राथमिकता है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से अपील करता हूँ कि इस समस्या को जल्दी हल कराइए, नहीं तो कश्मीर हमारे हाथ से निकल जाएगा।”

ऐसा महसूस होता है कि जैसे दिग्विजय सिंह को भारत की सेना पर भरोसा नही है। ये भारत की जनता को चीन और पाकिस्तान का डर दिखाकर देश में भय का माहौल बनाना चाहते है। बता दें, अनुच्छेद 370 हटाने पर UN समेत दुनिया का कोई भी देश पाकिस्तान के साथ खड़ा नही है। यहाँ तक कि इस्लामिक देश भी पाकिस्तान का समर्थन नही कर रहे है।

यहाँ तक कि पड़ोसी देश भूटान, बंगलादेश, श्रीलंका समेत रूस भी खुलकर हमारे साथ है यह मोदी सरकार की बेमिसाल विदेशी कूटनीति का ही परिणाम है। दरअसल कांग्रेस समेत दिग्विजय सिंह को अनुच्छेद 370 हटाये जाने से तकलीफ है।

सिर्फ यही नही अपनी बात को साबित करने के लिए दिग्विजय सिंह ने विदेशी अखबारों द्वारा फैलाई गई फर्जी खबरो को भी कोट किया, और पाकिस्तानी एजेंडे को स्थापित करने का भी प्रयास किया कि भारत सरकार कश्मीर में मानवाधिकार का हनन कर रही हैं। जबकि भारत सरकार ने बीबीसी अल जजीरा समेत उन सभी विदेशी मीडिया संस्थानों से उनकी खबर का सबूत देने के लिए कहा है, लेकिन अभी तक किसी ने भी कोई सबूत नही दिए हैं।

दरअसल दिग्विजय सिंह अपने एजेंडे के लिए हमेशा से भारतीय सेना और सुरक्षा बलों पर पर अपमानजनक सवाल खड़े करते रहे हैं। इनके लिए राजनीति इतनी जरूरी है कि देश के हितों से भी समझौता करने से बाज नही आते। बता दें, मुम्बई में हुए 26/11 के हमले को इन्होंने भगवा आतंकवाद से जोड़ते हुए इसे आरएसएस की साजिश बताया था जबकि उसी दौरान कांग्रेस सरकार पूरी दुनिया को इसे पाकिस्तान की साजिश बताते हुए सबूत दे रही थी।

गौरतलब है कि विपक्ष की तरफ से ऐसी देश विरोधी और भड़काऊ बयानबाजी से पाकिस्तान और अलगाववादियों को भी शह मिल रही है। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इन लोगो के ऐसे बयान पाकिस्तानी मीडिया दिखाकर भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए कर रहा हैं। यह बेहद शर्मनाक है कि जब इस समय देश को एकजुटता की जरूरत हैं तो जिम्मेदार पदों पर रहे लोग ऐसी बयानबाजी करके अपनी राजनीति चमका रहे हैं।