जम्मू कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में पठानकोट में जिला और सत्र अदालत ने सोमवार को फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने इस मामले में अब तक 7 में से 6 लोगों को दोषी करार दिया गया है। देश को हिला कर रख देने वाले इस जघन्य अपराध को करने वाले मास्टर माइंड ग्राम प्रधान सांजी राम समेत अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया है।  उसके अलावा सातवे आरोपी सांजी राम का बेटा विशाल को बरी कर दिया गया है। इन सभी आरोपियों की सजा का ऐलान दो बजे किया जाएगा। 

इन 6 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है:

  1. ग्राम प्रधान सांजी राम (मास्टरमाइंड)

  2. स्पेशल पुलिस ऑफिसर दीपक खजुरिया

  3. रसाना गांव परवेश दोषी

  4. असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर तिलक राज

  5. असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता

  6. पुलिस ऑफिसर सुरेंद्र कुमार 

बता दें कोर्ट 2 बजे यह तय करेगी कि आरोपियों को किस आधार (धारा) के तहत सजा सुनाई जाएगी। इसके पीछे की वजह क्या हैं। वहीं चार में से 3 तीन आरोपी पुलिस कर्मियों को धारा 201 के तहत सबूतों को जानबूझकर मिटाने के आरोप में सजा सुनाया जाएगा। 

इस मामले में पुलिस ने कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया। जिसमें से एक को नाबालिग बताया गया। हालांकि मैडिकल परीक्षण से यह भी सामने आया कि नाबालिग आरोपी 19 साल का है।

पंद्रह पन्नों के आरोप पत्र के अनुसार पिछले साल 10 जनवरी को अगवा की गई आठ साल की बच्ची को कंठुआ जिले के एक गांव के मंदिर में बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। उसे चार दिनों तक बेहोश रखा गया और बाद में उस मासूम बच्ची का निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई।

इस मामलों को उच्चतम न्यायालय ने मामले को जम्मू कश्मीर से बाहर भेजने का आदेश दिया था जिसके बाद जम्मू से करीब 100 किलोमीटर और कठुआ से 30 किलोमीटर दूर पठानकोट की जिला ओर सत्र अदालत में पिछले साल जून के पहले सप्ताह भेज गया । 

अदालत के फैसले के बाद जम्मू – कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष रविंद्र रैना ने रिपब्लिक भारत से बात करते हुए कहा कि जब यह घटना सामने आई थी तो दुख हुआ था। सबसे ज्यादा जम्मू के लोगों को तकलीफ हुआ है। छोटी बच्ची के साथ जो हैवानियत हुई थी। सब लोग चाहते थे कि उस बच्ची के साथ इंसाफ हो, इसलिए पूरे जम्मू में प्रदर्शन किया था। वह हमारी बच्ची थी। हमें उस बच्ची के लिए इंसाफ चाहिए था। इस मामले में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।

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