हर चुनाव में नेता जनता की मूलभूत समस्याओं पर बात ना करके एक दूसरे पर व्यक्तिगत टिका टिप्पणी करने लगते हैं। इतना ही नहीं, सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए एक धर्म विशेष के देवी देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने से भी बाज नहीं आते। ताजा मामला राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से जुड़ा है। आरएलएसपी मुखिया ने माता सीता को पर्दे के पीछे “सिगरेट पीने वाली” बताया है।

दरअसल, उपेंद्र कुशवाहा बुधवार (24 अप्रैल) को दरभंगा में महागठबंधन के प्रत्याशी अब्दुल बारी सिद्दीकी के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे। उन्होंने अपनी रैली में अपने पूर्व सहयोगी बीजेपी पर जमकर हमला बोला। बीजेपी पर निशाना साधते साधते कुशवाहा ने हिंदूओं की देवी मां सीता पर अभद्र बयाना दे डाला। उन्होंने कहा, “रामलीला में जब पर्दा उठता है, तो जो सीता बनता है, उसे देखकर सामने बैठे दर्शक सिर झुकाते हैं। लेकिन वही सीता बना हुआ व्यक्ति पर्दे के पीछे सिगरेट पीता है।”

उन्होंने इस अशोभनीय टिप्पणी की तुलना बीजेपी से की। उन्होंने कहा कि बीजेपी भी ऐसी ही है। वो बाहर से साफ सुथरे हैं, लेकिन अंदर से सिगरेट पीने वाले हैं। इन चुनावों में सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को घेरने के लिए तमाम मुद्दे हैं, लेकिन विपक्षी दल उन मुद्दों को भुना नहीं पा रहे हैं। सिर्फ एक समुदाय विशेष को खुश करने के चक्कर में हिंदूओं के आराध्यों का अपमान किया जा रहा है। कुछ दिन पहले सपा नेता आज़म खान ने ‘बजरंग बली’ को ‘बजरंग अली’ कहा था।

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