उदित राज (Udit Raj) आपको याद होंगे, लोकसभा चुनावों के वक़्त भाजपा लीडरशिप पर बहुत दबाव बनाया था पर दिल्ली से उनका टिकट काट दिया गया था। इसके बाद इन्होने कांग्रेस का दामन थाम लिया था हालांकि इसके बाबजूद उन्हें टिकट नहीं मिल पाया था। इस दौरान उन्होंने दलित कार्ड खेलते हुए कहा था की भाजपा दलितों के साथ न्याय नहीं कर रही है।

बहरहाल अब लोकसभा चुनावों को दो महीने बीत चुके हैं लेकिन आज भी उदित किसी ना किसी बहाने दलित कार्ड खेलते रहते हैं। कल भी उन्होंने एक ट्वीट में पांच गोल्ड मैडल जीतने वाली भारत की गोल्डन गर्ल हिमा दास (Hima Das) के बहाने जाति कार्ड खेला है।

उदित राज ने ट्वीट करते हुए लिखा की “हिमा दास के सरनेम मे दास की जगह मिश्रा, तिवारी, शर्मा ये सब लगा होता तो सरकारें करोड़ों रुपए दे देती और मीडिया पूरे दिन देश के सभी चैनलों में चलाते।”

जहाँ एक तरफ हिमा द्वारा पिछले एक महीने से भी कम वक़्त में पांच गोल्ड मेडल जीतने पर पूरा भारत खुश है। वहीं दूसरी तरफ ऐसी विकृत मानसिकता वाले नेता इस विषय पर भी जाति कार्ड खेलने से नहीं चूक रहे हैं। शायद इसीलिए उदित राज के इस ट्वीट पर उसे बहुत सारे लोगों ने खरी खोटी सुनाई है। आम यूज़र्स से लेकर उनकी अपनी ही पार्टी के नेताओं ने लताड़ लगायी है। कुछ चुनिंदा ट्वीट्स पढ़िए और देखिए उदित राज को क्या-क्या सुनने को मिला।

आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और कविवर कुमार विश्वास ने लताड़ लगाते हुए कहा, कमाल ये है कि यह जहालत भरा विचार एक तथाकथित पूर्व सांसद, नौकरशाह का है ! दल तो बहुत बदले भाई कभी दिमाग की ये घृणित सैटिंग भी बदलो !

उदित राज की ही पार्टी के प्रवक्ता राजीव त्यागी ने कहा, डॉ उदित राज संविधान लागू होने के बाद सब बराबर हैं। अपनी मानसिकता बदलिए कि ब्राह्मण अत्याचार कर रहे हैं। आजादी के आंदोलन एवं उसके बाद ब्राह्मणों का देश को बनाने में बहुत बड़ा योगदान है। ब्राह्मण होना कोई पाप नहीं है।

द ताशकंद जैसी सुपरहिट फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने लिखा, और अगर उनके सरनेम में ‘राज’ लगा होता तो सरकार उन्हें पहले IRS फिर MP बना देती, बंगला गाड़ी देती और उनके पास मात्र 4 करोड़ के ऐसेट्स भी होते।

मीम बनाने में मशहूर द स्किन डॉक्टर नाम के यूज़र ने लिखा, निहायती लीचड़ इंसान हैं आप।