प्रधानमंत्री मोदी और विदेशमंत्री सुषमा स्वराज को गाली देने वाले शफीक अहमद की गिरफ्तारी के बाद आख़िरकार मुंबई पुलिस ने कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी की बेटी को ट्विटर पर बलात्कार की धमकी देने वाले 36 वर्षीय एक व्यक्ति को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है।एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरीश माहेश्वरी को बीती रात अहमदाबाद के पास बावला से गिरफ्तार किया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आरोपी गिरीश महेश्‍वरी को पुलिस आज बोरीवली कोर्ट में पेश करेगी। दरअसल प्रियंका को मध्य प्रदेश के मंदसौर मामले में वायरल हो रहे एक फर्जी मैसेज को लेकर ये धमकी दी गई थी। उन्होंने मुंबई के गोरेगांव थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कराया था, गिरफ्तार किया गया आरोपी अजमेर के किशनगंज का रहने वाला बताया जा रहा है।

इस मामले में सीधे सीधे केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने निर्देश जारी किया था जिस के निर्देश के बाद मुंबई पुलिस ने मंगलवार को कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी की बेटी को बलात्कार की धमकी देने पर ट्विटर के एक अज्ञात यूजर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस बारे में पुलिस उपायुक्त दीपक देवराज ने बताया, “गोरेगांव पुलिस ने आईपीसी की धारा 509 (महिला का शील भंग करने के लिए शब्दों, भावभंगिमा का प्रयोग) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं बाल यौन अपराध रोकथाम कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।”

इस पूरे मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता ने ट्वीट करते हुए लिखा था, ‘भगवान राम के नाम से ट्विटर हैंडल चलाकर, पहले तो मेरा गलत बयान लगाते हो, फिर मेरी बेटी के बारे में अभद्र टिप्पणी करते हो, कुछ शर्म हो तो चुल्लू भर पानी में डूब मरो वरना भगवान राम ही इसका सबक सिखाएंगे तुम जैसे नीच सोच वाले इंसान को।”

बता दें, सोशल मीडिया पर प्रियंका को लोगों का समर्थन भी मिला। यहाँ तक कि भाजपा नेताओं के साथ आम लोगों ने इस घटना की कड़ी शब्दों में निंदा की और आरोपी को तुरन्त गिरफ्तार करने की माँग की थी।

रविश कुमार बरखा दत्त जैसो को भी प्रियंका चतुर्वेदी से सीख लेनी चाहिए कि सिर्फ विक्टिम कार्ड न खेले, पुलिस कंप्लेंट कर के गालीबाज ट्विटर एकाउंट वालो को गिरफ्तार भी करवाये, ताकि सोशल मीडिया पर एक अच्छा माहौल बनाया जा सके।

हम पहले भी कह चुके हैं कि, लोकतंत्र में इस तरह की अभद्र भाषा को बिल्कुल स्वीकार नही किया जा सकता, असहमति रखना आलोचना करना सभी का अधिकार हैं लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा गालीगलौज हरगिज स्वीकार नही हो सकती, और ऐसे लोगो के साथ कठोर कानून करवायी करते हुए उन्हें वह सबक सिखाया जाना चाहिए जिसे यह बचपन मे अपने माता पिता और शिक्षक से सीखने में चूक गए थे। सोशल मीडिया पर अगर आप इस तरह से कोई भी गलत काम कर रहे हैं, तो अब सावधान हो जाए।