प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अमेरिका के दौरे के लिए रवाना होने वाले हैं। 22 सितंबर को वह भारतीय अमेरिकियो और हिंदू अमेरिकियों को संबोधित करेंगे। इसे लेकर जहां लोग उत्साहित हैं वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार तुलसी गबार्ड ने भी प्रधानमंत्री मोदी का अमेरिका में स्वागत किया है और उन्होंने कार्यक्रम में शामिल न हो पाने को लेकर माफी मांगी है। बता दें, 38 साल की गबार्ड अमेरिकी कांग्रेस की पहली हिंदू महिला हैं।

तुलसी गबार्ड ने गुरुवार को एक वीडियो जारी कर
कहा, ‘नमस्ते! मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका की यात्रा पर उनका हार्दिक स्वागत करना चाहती हूं, लेकिन पहले से निर्धारित राष्ट्रपति चुनाव प्रचार कार्यक्रम की वजह से मैं वह शामिल नहीं हो पाऊंगी। तुलसी गबार्ड ने आगे कहा- मैं खुश हूं कि हाउडी मोदी पूरे देश के भारतीय अमेरिकियों और हिंदू अमेरिकियों को साथ लेकर आ रहा है। जिसमें यूएस कांगेस के मेरे साथी भी शामिल हैं।’

गौरतलब है कि ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में 50,000 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। मोदी रविवार 22 सितंबर को लोगों को संबोधित करेंगे। जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी हिस्सा लेंगे। ट्रंप के अलावा अमेरिकी सरकार के उच्च अधिकारी, जिसमें गवर्नर, कांग्रेस के सदस्य और मेयर भी हिस्सा लेंगे।

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गबार्ड ने इसे भारत और अमेरिका के लिए एक बेहतरीन मौका बताते हुए कहा कि इससे दो महान देशों के बीच एक मजबूत और स्थायी, साझा मूल्यों और उद्देश्यों पर आधारित साझेदारी होगी। उन्होंने कहा, ‘भारत दुनिया का सबसे पुराना और सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण सहयोगियों में से एक है। यदि हमें राष्ट्रों, हमारे देशों और पूरे विश्व पर प्रभाव डालना है तो भारत और अमेरिका को जलवायु परिवर्तन, परमाणु युद्ध रोकने, परमाणु प्रसार रोकने और लोगों की आर्थिक भलाई में सुधार लाने जैसे विषयों पर साथ मिलकर काम करना चाहिए।’

गबार्ड हवाई द्वीप चार बार सांसद रह चुकी हैं। वह कांग्रेस सदस्यों के उस समूह का हिस्सा थीं जिसने 2016 में प्रधानमंत्री मोदी का तब स्वागत किया था जब उन्होंने कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित किया था। बता दें, गबार्ड भारत और अमेरिका के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने की वकालत करती रही हैं। उन्होंने 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने पर मोदी को बधाई दी थी।

वह अमेरिका की पहली हिंदू महिला हैं जो राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने वाली हैं। वह हिंदू अमेरिकियों के बीच काफी मशहूर हैं। अगर तुलसी ट्रम्प के खिलाफ डेमोक्रेट उम्मीदवार चुनी जाती हैं और चुनाव जीत जाती हैं तो वे अमेरिका की सबसे युवा और पहली महिला राष्ट्रपति होंगी। वे अमेरिका की पहली गैर-ईसाई और पहली हिंदू राष्ट्रपति भी होंगी।

गबार्ड का जन्म अमेरिका के समोआ में एक कैथोलिक परिवार में हुआ था। उनकी मां कॉकेशियन हिंदू हैं। इसी के चलते तुलसी गबार्ड शुरुआत से ही हिंदू धर्म की अनुयायी रही हैं। सांसद बनने के बाद तुलसी पहली सांसद थीं, जिन्होंने भगवद गीता के नाम पर शपथ ली थी।