फिक्शन लेखक राणा अयूब अपनी फेक न्यूज को लेकर एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल अमेरिका के ह्यूस्टन में आगामी 22 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक कार्यक्रम होने जा रहा है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी करीब 50 हजार लोगों को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भी शामिल होंगे। ‘Howdy Modi नाम से आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम के लिए अब कुल 50, 000 लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है जबकि 10000 लोग वेटिंग लिस्ट है।

इसी दौरान यह खबर आई है कि अमेरिका की पहली हिंदू सांसद और राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार तुलसी गबार्ड इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगी। यह खबर आते ही फिक्शन लेखक के तौर पर मशहूर राणा अयूब ने ट्विटर पर एक लेख शेयर करते हुए बताया कि, तुलसी पीएम मोदी के साथ मंच साझा नहीं करना चाहती और इसीलिए उन्होंने ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम का निमंत्रण ठुकरा दिया है।

राणा के शेयर किये लेख के मुताबिक, ‘मोदी की हिंदुत्ववादी नीतियों के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के कारण तुलसी गबार्ड ने पीएम मोदी के साथ मंच साझा करने से इनकार कर दिया है।’ इस लेख में कांग्रेसमैन रो खन्ना के हवाले से लिखा गया है कि ‘अमेरिका के सभी हिन्दू नेताओं को हिंदुत्व का विरोध करना चाहिए और धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा देना चाहिए। खन्ना ने कहा था कि हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई -सबके लिए बराबर अधिकारों की बात होनी चाहिए। उनके इस बयान का दक्षिण एशिया के नेताओं ने स्वागत किया।’

इस लेख को शेयर करने के साथ राणा अयूब ने पीएम मोदी के प्रशंसकों पर तंज कसते हुए कहा कि ‘तुलसी अब मोदी के कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगी और उन्होंने निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है।’

जब तुलसी गबार्ड को यह पता चला कि उनके नाम से ऐसी फर्जी अफवाहे सोशल मीडिया पर चलाई जा रही है तो उन्होंने तुरन्त राणा अयूब को फटकार लगाते हुए ट्विटर पर लिखा कि यह फर्जी और भ्रामक खबर है। उनका राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार होने के कारण पहले से ही उनके कई चुनावी कार्यक्रम प्रस्तावित हैं और इसी व्यस्तता के कारण वह पीएम मोदी के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले पाएँगी।

उन्होंने यह साफ कर दिया कि पहले से तय कई कार्यक्रम की वजह से वह ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगी। साथ ही उन्होंने आशा जताई कि वह पीएम मोदी के अमेरिका दौरे के मौके पर उनसे मुलाक़ात करेंगी। उन्होंने लिखा कि वह दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र के बीच संबंधों की महत्ता पर पीएम मोदी के साथ चर्चा करेंगी। बता दें, राणा अयूब पहले भी बिना तथ्य के फर्जी खबरें फैलाती रही है। स्वयं सुप्रीम कोर्ट ने राणा अयूब को ‘फिक्शन लेखक’ करार दिया है।