बदायूं स्थित अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा ककराला निवासी तीन तलाक पीड़िता ने हिदू धर्म अपनाकर सम्भल निवासी युवक से मंदिर में विवाह कर लिया। अखिल भारत हिदू महासभा के पदाधिकारियों ने शुद्धिकरण कराकर दोनों का विवाह संस्कार संपन्न कराया। इसके बाद पदाधिकारी दोनों को उनके घर तक छोड़कर आए। युवती ने विवाह से पहले डीएम को शपथपत्र देकर हिदू धर्म में अपनी आस्था जताई थी।

मामला यह है कि ककराला के मुहल्ला पानी की टंकी निवासी इस्लाम की पुत्री गुलाब बानो को शादी के कुछ समय बाद ही पति ने 30 सितंबर 2018 को तलाक दे दिया। तलाक के बाद उसको किसी ने सहारा नहीं दिया। बहिष्कृत कर दिया। इसी दौरान दिल्ली में उसकी मुलाकात मुकेश पुत्र बनारसी लाल, निवासी 171 संजना, सम्भल से हुई।  तीन तलाक और तीन महीने की मुलाकात के दौरान उसको मुकेश से जो सहारा मिला तो वह उसकी हमसफर बन गई।

मुकेश और उसके परिवार का सहारा मिलने के बाद वह मंदिर में पूजा-पाठ करने जाने लगी। डीएम को दिए शपथ पत्र में उसने बताया कि मंदिरों में जाने के साथ ही वह भागवत कथा में जाती जहां से उसकी आस्था हिदू धर्म में जागी। हिदू धर्म में आस्था जताते हुए उसने डीएम से मांग करते हुए कहा कि वह अब हिदू धर्म ही अपनाएगी। इसके बाद उसने अपना नाम गुलाब बानो से गुलाब देवी रख लिया।

मुकेश हाल निवासी सहसवान है, इसलिए उसने गुलाब बानो के हिदू धर्म अपनाने की जिद को देखते हुए अखिल भारत हिदू महासभा से संपर्क किया तो उन्होंने हिदू रीति रिवाज के साथ सोमवार को शहर के ही नई सराय स्थित राधा माधव मंदिर में दोनों का विवाह करा दिया।

तीन तलाक की शिकार हुई गुलाब बानो ने अपने हलफनामे में जो बयां किया है उसको सुनकर हर कोई स्तब्ध है। बताया है कि शादी के बाद से उसके शौहर ने किस तरह से उसपर जुल्म किया और उसको बीच मझधार में तलाक, तलाक, तलाक .. कर छोड़ दिया। शौहर ने उसको महज दहेज की मांग पर ही ठुकराया तो वह दुनिया में बिल्कुल अकेली पड़ गई थी। सहारा मांगने के लिए अपने रिश्तेदारों के पास गई, लेकिन किसी ने उसपर तरस नहीं खाया। उसको उस नजर से देखा जाता जैसे कि उसने कोई बड़ा गुनाह किया हो।

तलाक पीड़िता का दर्द उसने करीब से महसूस किया। उसको अपने धर्म में सम्मान और सहारा नहीं मिला तो कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। मुकेश से मुलाकात के बाद उसकी जिंदगी बदल गयी और उसने मुकेश को अपना हमसफ़र बना लिया। सोमवार को उसका विधिवत विवाह कराने में एडवोकेट वीरेंद्र गौड़, शिवम अग्रवाल, राहुल पटेल, सूरजपाल, राजू सागर, विनीत कुमार आदि का सहयोग रहा।