Photo- Danik Jagran

एंटी टेरर स्कवॉड की झारखंड ईकाई को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। झारखंड एटीएस ने पिछले चार सालों से वांछित अल कायदा के खूंखार आतंकवादी कलीमुद्दीन मुजाहिरी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके खिलाफ जमशेदपुर थाने में मामला दर्ज था। पुलिस के मुताबिक यह तीन साल से फरार था। एटीएस ने उसे जमशेदपुर से गिरफ्तार कर अज्ञात स्थान पर कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है।

कलीमुद्दीन मुजाहिरी आतंकवादी सगंठन अलकायदा इंडिया सबकंटिनेंट (AQIS) में रहकर जिहाद-ए-वतन के लिए युवकों को तैयार करता था और प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान भेजता था। एटीएस के मुताबिक, तीन साल से फरार चल रहे मुजाहिरी को गुप्त सूचना के आधार पर जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार किए खूंखार आतंकी का पूरा नाम मौलाना कलीमुद्दीन मुजाहिरी है, जो जमशेदपुर के मानगो इलाके के आजादनगर थाना क्षेत्र का रहनेवाला है। वह मूल रूप से रांची के चान्हो ब्लॉक के राडगांव का रहने वाला है, लेकिन काफी दिनों से जमशेदपुर में रहता था। बताया जा रहा है कि कलीमुद्दीन वर्ष 2001 में ही अलकायदा से जुड़ा था। इसके दोस्त अब्दुल रहमान उर्फ कटकी, जीशान हैदर और अब्दुल सामी दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद हैं।

खुफिया एजेंसियों को इसकी भी तलाश थी, लेकिन पिछले तीन साल से कलीमुद्दीन अपना पहचान और ठिकाना बदल-बदलकर खुफिया एजेंसियों को चकमा देता रहा। एटीएस के एडीजी मुरारी लाल मीणा ने बताया कि पकड़ा गया आतंकी भारत में अलकायदा का ईस्टर्न इंडिया जोन का मुखिया था। इसका मुख्य उद्देश्य झारखंड में स्लीपर सेल तैयार करना और जिहाद के लिए युवाओं को तैयार करना था। कलीमुद्दीन युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान भेजता था।