Delhi News : कश्मीरी बिजनेसमैन जहूर अहमद वटाली के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कारवाई करते हुए उसकी 1.03 करोड़ की संपत्ति को जब्त कर लिया है। जहूर वटाली पर Terror Funding का आरोप है, और काफी समय से इस कारोबारी के खिलाफ जांच चल रही थी।

ED अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि धनशोधन निरोधक अधिनियम (PMLA) के तहत वटाली की संपत्तियों को कुर्क किया गया है। एनआईए कश्मीर में आतंकी फंडिंग की जांच कर रही है इसमें वहां का मुख्य कारोबारी जहूर वटाली मुख्य सूत्र है। घाटी में गड़बड़ी फैलाने वालों के कथित फाइनेंसरों की लिस्ट में टॉप पर जहूर वटाली का नाम है। वटाली श्रीनगर में बागात बरजला का रहने वाला है।

आपको बता दें, जहूर वटाली आज से 25 साल पहले अलगावादी नेता अब्दुल गनी लोन का एक मामूली सा ड्राईवर हुआ करता था लेकिन आज कश्मीर के लाल चौक के पास उसकी एक आलीशान कोठी के अलावा 3 मंजिला कार्यालय, बारामुला, पीरबाग, रामवन में तीन मकान और अलुची बाग में एक आलीशान घर है। इसके अलावा मुबई, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी उसके नाम से कई संपत्तियां हैं। एक या दो नहीं जहूर वटाली के पास 9 लग्ज़री गाड़ियां भी हैं।

घाटी में आतंकी गतिविधियों को फ़ैलाने वालों को फण्ड देने की लिस्ट में जहूर वटाली का नाम सबसे ऊपर आता है। NIA के मुताबिक ये अलगावादियों के अलावा भी जैश-ए-मोहम्मद जिहादी संगठन के साथ भी मिला हुआ है। भारत में हर साल करीब 100 करोड़ से भी ज्यादा की आतंकी फंडिग जहूर वटाली करता है। हाल ही में पत्थरबाजों पर जहूर वटाली 300 करोड़ से ज्यादा खर्च कर चुका है। जहूर वटाली की पैठ आईएसआई में भी है। जुहूर वटाली का नाम पहली बार 1990 में उछला था जब उसे आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था लेकिन कोर्ट से जमानत लेकर वो बाहर गया और अलगावादियों के संगठन के लिए काम करने लगा। अब यह दुबारा NIA की गिरफ्त में हैं।