तमिलनाडु के नागापट्टनम जिले के एक युवक के साथ कुछ लोगों द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है।पोरावेचरी के मोहम्मद फैसान (24) ने बृहस्पतिवार को एक तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि वह ‘बीफ’ का सूप पी रहा है और उसे यह बहुत टेस्टी लग रहा है। जिसके बाद गांव के ही कुछ युवकों ने मुहम्मद फैसान को पीट दिया।

जिला पुलिस अधीक्षक टीके राजशेखरन के आदेश पर किलवेलुर पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में मामला दर्ज किया और शुक्रवार को चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें दिनेश कुमार (28) अगाथियन (29), गणेश कुमार (27) और मोहन कुमार (28) शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, मुहम्मद फैसान जो कि एक फोटोकॉपी की दुकान चलाता है, उसने एक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को भड़काने के लिए अपनी एक फोटो फेसबुक पर यह कहते हुए पोस्ट की थी कि वो बीफ खा रहा है और उसे ये बहुत पसंद आ रहा है।

पुलिस ने बताया कि लोगों के एक समूह ने इस पोस्ट पर आपत्ति की और बृहस्पतिवार रात फैसान के घर गए तथा उससे सवाल किए और उसके इस फेसबुक पोस्ट पर आपत्ति जताई। इसके बाद वहाँ बहस शुरू हो गयी, और यह बहस मारपीट में बदल गयी। जिसमे फैसान घायल हो गया और उसे यहां एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बहरहाल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि एक बड़ा सवाल यहाँ यह भी खड़ा होता है कि खाने-पीने को लेकर किसी प्रकार की कोई आपत्ति नही है, लेकिन क्या एक समुदाय के लोगो को जान-बूझकर उकसाना उचित है? अगर मोहम्मद फैसान ने थोड़ी समझदारी का परिचय दिया होता तो यह झगड़ा टाला जा सकता था। बीफ के नाम से एक समुदाय के लोगो की भावनाएं आहत होती है तो उसे सोशल साइट पर टेस्टी बताते हुए पोस्ट करना एक तरह से साम्प्रदायिक झगड़े का माहौल बनाना है।