मध्यप्रदेश में SC/ST एक्ट की धमकी से परेशान एक विद्युत ऑपरेटर नें आत्महत्या कर ली। मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत कंपनी के सिरोंज ऑफिस में कार्यरत ऑपरेटर सुनील दांगी ने आत्महत्या कर ली जिसकी वजह SC/ST एक्ट मिली है।

रिपोर्ट के अनुसार दांगी ने अपनी मौत से पहले कंपनी के इंजीनियरों की मिलीभगत को उजागर करते हुए कार्रवाई करने की विनती की है। दांगी ने मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक विशेष गढ़पाले से अपनी आत्महत्या को लेकर कार्रवाई की मांग करते हुए सुसाइड नोट लिखा है।

सुनील दांगी ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि “एपीओ राघवेंद्र अहिरवार ने अपने रिश्तेदार व इसी कंपनी के चीफ इंजीनियर डीपी अहिरवार के साथ मिलीभगत करके और दबाव डलवा कर सिरोंज में अधिकारी के पद पर नियम के विरुद्ध पोस्टिंग करवाई है।”

उसने आगे लिखा है कि “इसके बाद से राघवेंद्र आए दिन गाली गलौज करता रहता था और उसे जान से मारने की धमकी देता रहता है राघवेंद्र अहिरवार के जीजा भी सिरोंज थाने में कार्यरत हैं जिन्होंने उसे बीच रास्ते में रोककर गाली गलौज करते हुए झूठे केस में फँसाने की धमकी दी।” आए दिन इस तरह की प्रताड़ना से परेशान होकर युवक नें शुक्रवार को आत्महत्या कर ली।

Bhopal: Electric Operator Sunil Dangi Suicide Case, People’s Samachar, 14th Sep. 2019

बता दें, SC/ST एक्ट में फर्जी फंसाने की धमकी से परेशान होकर आत्महत्या का मध्यप्रदेश में ये पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी दो बड़े अधिकारी इससे प्रताड़ित होकर जान दे चुके हैं। एक मामला सीधी जिले के डॉक्टर शिवम मिश्रा जिनको उन्हीं के अस्पताल की नर्स से धमकी मिलने के बाद जान दे दी थी वहीं सीधी जिले के पास के ही सिंगरौली कलेक्ट्रेट के अधिकारी सौरभ मिश्रा नें आत्महत्या कर ली थी और अब ये विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी ने अपनी जान दी है।

गौरतलब है की राज्य में और भी मामले आए हैं लेकिन वो इतना ज़्यादा कवरेज में नहीं थे जबकि ये तीन मामले उजागर हुए क्योंकि ये बड़े और सरकारी अधिकारी रहे हैं।

इधर मृतक दांगी के लिए सपाक्स नें न्याय की गुहार लगाई है और परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा राशि व नौकरी सहित पूरे परिवार की सुरक्षा को लेकर मुद्दा उठाया है। वहीं इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी तुरन्त कार्रवाई करने की बात कही है।

वहीं, सिरोंज के पुलिस एसडीओ नरेंद्र सिंह राठौर ने कहा है कि, ‘आज का ही तो मामला है, भले ही सुसाइड नोट में प्रताड़ित करने वालो के नाम लिखे है लेकिन अभी एफआईआर के बजाय जांच होगी। देखेंगे जांच में क्या आता है, राइटिंग मिलान होगा, बयान लेंगे, उसके बाद देखेंगे।”