हमने बिना युद्ध लड़ें मुम्बई हमले में अपने नागरिक और बहादुर सिपाही खो दिए, हमनें क्या कहा?

“Say NO To War”

हमने संसद हमले में बिना युद्ध  लड़े अपने जवानों को खोया, हमनें क्या कहा?

“Say NO To War”

हमने बिना युद्ध लड़े कश्मीर में अब तक हज़ारो जवान खोए हैं, हमनें हर बार क्या कहा?

“Say NO To War”

अब हमने बिना युद्ध लड़े पुलवामा में 44 जवान खो दिए, लेकिन देश ने इस बार जवाब देना चुना।

हमारी पाकिस्तान पर की गई एयर स्ट्राइक पुरी तरह सफल रही क्योंकि हमारी सशस्त्र सेना इसमें मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से जुड़ी थी। जब हमारे एडवांस्ड मिराज 2000 पाकिस्तान में बम बरसा रहे थे तो बजाय उनका सामना करने के पाकिस्तान डिफेंस सिस्टम अंधेरे का बहाना बना कर बिल में घुसी रही। जबकि आज सुबह उनकी घुसपैठ की जवाबी कार्रवाई में हमारी एयरफोर्स के पायलट्स ने पुराने और आउटडेटेड मिग 21 से भी पाकिस्तानी F-16 का पीछा किया. विंग कमांडर अभिनंदन पीछे हटने का या पीछा न करने का सुरक्षित रास्ता भी चुन सकते थे लेकिन उन्होंने पाक फाइटर प्लेन्स का एलओसी तक पीछा किया और एक F-16 मार गिराया। विंग कमांडर अभिनंदन अब पाकिस्तान के कब्जे में है। जेनेवा समझौते के तहत पाकिस्तान को उन्हें 8 दिन के अंदर भारत को लौटाना होगा वरना इसे युद्ध का आमंत्रण माना जाएगा। विंग कमांडर अभिनंदन अभी युवा है। वो आसानी से किसी भी एयरलाइन में पायलट की जॉब कर के ऐश की ज़िन्दगी गुज़ार सकते थे पर उन्होंने शौर्य को चुना। वो 45 जवान जो पुलवामा में वीरगति को प्राप्त हुए वो भी युवा थे, उन्होंने भी शौर्य को चुना था।

लेकिन क्या हम उनसे आधे से आधा भी शौर्य चुनने की हिम्मत दिखा रहे है?

एक जाबांज के पाकिस्तान की गिरफ्त में होने मात्र से हमारे आँसू निकलने लगे। हम चिंतित हो गए। हम डिफेंसिव हो गए और इसी का फायदा उठाकर पाकिस्तान परस्त ‘से नो टू वार’ गैंग सक्रिय हो गया। वही गैंग जो कल कहता था ‘सेना रेप करती है’, वही गैंग जो कल कहता था ‘सेना में वो लोग भर्ती होते है जिन्हें कोई जॉब नही मिलती’। ये गैंग विंग कमांडर अभिनंदन के लिए उपजी आपकी चिंता की आड़ में घड़ियाली आँसू बहाकर देश मे कंधार हाईजैक जैसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान को बच निकलने का रास्ता देने के लिए भावनात्मक दबाव बनाने का प्रोपगेंडा फिर से शुरू हो गया है।

विंग कमांडर अभिनंदन एक रिटायर्ड एयर मार्शल के बहादुर बेटे है। भावनाओं के प्रोपगेंडे में फंस कर अपने आंसुओ, डर और निराशा से उनके परिवार और उनके शौर्य का अपमान मत करिए। निस्संदेह युद्ध किसी समस्या का हल नही हो सकता पर स्थायी और चिर शांति के लिए युद्ध अवश्यम्भावी है। यहाँ से पीछे हटने का मतलब कमांडर अभिनंदन जैसे सैकड़ो जवान हम 26/11, पठानकोट, उरी और पुलवामा जैसे प्रॉक्सी वार में खोते रहेंगे, बिना युध्द लड़े। Say No To War ट्रेंड करते हुए हम अपने हज़ारों अभिनंदन तब तक खोते रहेंगे जब तक फिर से युद्ध के मुहाने पर नही आ जाते।

The war has started..

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