ईस्टर संडे के मौके पर श्रीलंका में एक के बाद एक लगातार आठ धमाके हुए हैं। श्रीलंका के तीन चर्चों और तीन पांच सितारा होटलों में हुए बम धमाकों के बाद दोपहर को दो और धमाके हुए। इन धमाकों में अभी तक 187 लोगों की मौत हो चुकी है और 500 से ज्यादा लोग घायल हैं। हमलावरों की पहचान इस्लामिक आतंकियों के रूप में हुई है। CNN न्यूज के मुताबिक इन फिदायीन आतंकियों के नाम की पहचान अबु मोहम्मद और जहरन हाशिम के तौर पर की गई है। सोशल मीडिया पर मुसलमान कोलंबो में चर्च पर हमले को न्यूज़ीलैंड क्राइस्टचर्च पर हुए हमले का जवाबी हमला मान रहे है।

बता दें कि आज सुबह श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में सिलसिलेवार धमाके तब हुए जब ईसाई धर्म के सभी अनुयायी चर्च में इकट्ठे हुए थे और प्रार्थना सभा का हिस्सा बने थे। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार मरने वालों की संख्या 187 हो गई है। इनमे 35 विदेशी नागरिकों के भी मारे जाने की खबर है। 500 से ज्यादा लोग इन धमाकों में घायल हो गए हैं। कोलंबो नेशनल अस्पताल के अधिकारी ने कहा, ‘घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों तथा मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।’ श्रीलंका में हुए बम धमाकों को लेकर भारतीय नेताओं और खिलाड़ियों ने दुख जाहिर करते हुए घटना की निंदा की है।

खबरों के मुताबिक श्रीलंका के पुलिस प्रमुख ने 10 दिन पहले ही देश भर में आत्मघाती हमलो को लेकर अलर्ट जारी किया था। अलर्ट में कहा गया था कि आत्मघाती हमलावर प्रमुख चर्चों को निशाना बना सकते है। रिपोर्ट के मुताबिक श्रीलंकाई कट्टरपंथी समूह नेशनल थोहीथ जमात (NTJ) प्रमुख चर्चों के साथ-साथ कोलंबो में भारतीय उच्चायोग को निशाना बनाते हुए आत्मघाती हमलों को अंजाम देने की योजना बना रहा है। बता दें कि नेशनल थोहीथ जमात श्रीलंका में एक कट्टरपंथी इस्लामिक समूह है, जिसने पिछले साल बौद्ध प्रतिमाओं को विध्वंस किया था और सिंहली बौद्धों की हत्याओं को अंजाम दिया था।