केंद्र की मोदी सरकार ने 14 अप्रैल 2018 को ‘आयुष्मान भारत योजना’ की शुरुआत की थी। जिसके अंतर्गत देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों यानी लगभग 50 करोड़ लोगों को इस योजना से संबध्द सरकारी एवं ग़ैर-सरकारी अस्पतालों में 5 लाख रुपए तक का मुफ्त उपचार होता है। अभी तक इसके तहत अनेकों लोगों ने अपने सगे संबंधियों का इलाज करवाया है। लेकिन सिर्फ मोदी विरोध में कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की हर योजनाओं की तरह इसे भी अपने दबदबे वाले क्षेत्रों में रोक रखा है।

दरअसल, अमेठी का एक व्यक्ति अपने घर के एक सदस्य का इलाज करवाने जिले के संजय गांधी अस्पताल गया। चूंकि, उसके पास ‘आयुष्मान भारत योजना’ का कार्ड था, तो उसे मुफ्त में इलाज मिलता। लेकिन अस्पताल के डॉक्टर ने उसे मुफ्त में इलाज देने से मना कर दिया। केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने ट्विटर पर उस युवक का वीडियो शेयर किया है, जिसमे वो आपबीती बताते हुए नजर आ रहा है।

युवक के मुताबिक, डॉक्टर ने कहा, ‘यह कोई योगी-मोदी का अस्पताल नहीं है। यह राहुल गांधी का अस्पताल है और पैसा लेकर आओ, तभी इलाज होगा, वरना लेकर जाओ यहां से।’ युवक ने बताया कि उसका परिवार गरीब है और पैसे ना होने तथा डॉक्टर के इंकार के बाद उसके चाचा का 26 अप्रैल को देहांत हो गया। वीडियो शेयर करते हुए स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया।

वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर यह भी बताया कि ‘आयुष्मान भारत’ के सीईओ और अमेठी के जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि दोषी कतई बख्शा नहीं जाएगा।

समझ नहीं आ रहा है कि पीएम मोदी से राजनीतिक दुश्मनी निकालने के लिए कांग्रेस इस स्तर तक जा चुकी है कि इसके लिए अब गरीबों को भी नहीं छोड़ रही है। एक तरफ तो राहुल गांधी अपने हर चुनावी भाषणों में सत्ता में आने पर गरीबों को 6 हजार रुपए महीने देने की बात कर रहे हैं और दूसरी तरफ गरीबों को मोदी सरकार की तरफ से मुफ्त में इलाज ना मिल जाए, इसे रोकने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को अवश्य इसका जवाब देना चाहिए।