उत्तर प्रदेश में जौनपुर के केराकत कोतवाली में लगने वाले मल्लूपुर गांव में समाजवादी पार्टी के एक नेता ने इंसानियत को शर्मसार करने वाली वारदात को अंजाम दिया। सपा नेता संजय सरोज ने अपने कुछ गुर्गों के साथ गांव के एक परिवार को रंजिशन जमकर पीटा और जब परिवार की बेटी बीच-बचाव में आई तो उसके कपड़े फाड़कर सरेआम निर्वस्त्र कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता को मौके से निर्वस्त्र हालत में किसी तरह भागकर अपनी जान और इज्जत बचानी पड़ी। वारदात के बाद पीड़ित परिवार ने कोतवाली में न्याय की गुहार लगाई लेकिन कहा जा रहा है कि कानून की चौखट से भी मायूसी हाथ लगी क्योंकि आरोपी नेता पहले ही कोतवाल को अपनी बातों में ले चुका था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने पीड़ित परिवार के खिलाफ ही एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पीड़िता की मानें तो उसके साथ आरोपी नेता ने ऐसा बर्ताव इसलिए किया क्योंकि उसने 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में उसे वोट नहीं दिया था।

पीड़िता के मुताबिक उसने भारतीय जनता पार्टी को वोट दिया था, इस बात से खफा होकर सपा नेता ने उससे और उसके परिवार से दुश्मनी की गांठ बांध ली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक काफी मशक्कत के बाद शुक्रवार (6 जुलाई) को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) संजय राय ने कोतवाल को मामले की जांच के निर्देश दिए। स्थानीय मीडिया के मुताबिक केराकत से पूर्व सपा उम्मीदवार संजय सरोज ने बीते 28 जून को अपने गुर्गों के साथ महिला के घर पर धावा बोला था। सपा नेता और उसके गुंडे महिला और बेटे पीट रहे थे तभी शोर-शराबा सुन मौके पर लोगों का मजमा लग गया। घरवालों को पिटता देख बेटी भी बाहर आई गई। आरोपी ने गांव वालों के सामने उसे पीटा और कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद आरोपी पीड़ितों को धमकी देकर चले गए।

पीड़ित परिवार ने कोतवाल शशिभूषण राय से शिकायत की लेकिन आरोपी के वहां पहले पहुंच जाने पर उनकी एक न सुनी गई। आरोप है कि कोतवाल ने पीड़ितों को डांटकर कोतवाली से जाने को कह दिया। मीडिया में मामला आने और पीड़ित परिवार की तरफ से लगातार न्याय के लिए प्रयासों को देखते हुए खाकी अमला मामले की जांच के लिए तैयार हुआ है। पुलिस की उदासीनता को देख पीड़िता की मां ने मीडिया को बताया कि वह आगे से भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देगी।

गौरतलब है जिस पार्टी के मुखिया बलात्कारियों का बचाव “लड़के हैं गलती हो जाती हैं” कहकर बचाव करते रहे हो उनकी पार्टी में ऐसे कांड करने वाले गुंडो की भला क्या कमी होगी, पर “बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ” का नारा देने वाली भाजपा सरकार में किसी बेटी के कपड़े फाड़कर उसे निर्वस्त्र कर दिया जाए यह प्रदेश सरकार के लिए बेहद शर्मनाक हैं, बीजेपी को वोट देना या ना देना तो अलग मसला हैं लेकिन बेटियों के साथ कि गयी इस शर्मनाक प्रकरण के लिए इस सपा नेता के खिलाफ कठोर कारवाई होनी चाहिए।

जब हमने इस विषय पर यूपी पुलिस से सवाल किया तो यूपी पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए IG Rang Varansi को तलब किया।

जिस पर जौनपुर पुलिस ने ट्वीट के माध्यम से हमे ये जानकारी दी।

वैसे मामले को लेकर समाचार प्लस और जनसत्ता भी खबर चला चुका है। हम उम्मीद करते है कि यूपी पुलिस एक बार फिर से मामले की निष्पक्ष जांच करवाएगी ताकि मामले का पटाक्षेप हो सके।