लोकसभा चुनाव परिणाम आ गए हैं और नरेंद्र मोदी की अगुवाई में NDA ने रिकॉर्ड जीत हासिल की। लगभग सभी राज्यों में नमो सुनामी देखने को मिली तो बिहार में कांग्रेस और लालू की पार्टी RJD की गठबंधन को शर्मनाक हार मिली है। NDA की गठबंधन ने राज्य में इनका सूपड़ा साफ़ कर दिया है, बीजेपी-JDU और सहयोगी दलों ने 40 में से 39 सीट पर जीत दर्ज की वहीँ कांग्रेस को महज एक सीट से संतोष करना पड़ा।

नरेंद्र मोदी के नाम की चली इस आंधी में लालू यादव की पार्टी RJD का प्रदर्शन अत्यधिक शर्मनाक रहा। RJD और गठबंधन कांग्रेस को तेजस्वी यादव की अगुवाई में लड़े इस चुनाव को जनता ने सिरे से नकार दिया और RJD को राज्य में एक भी सीट नहीं मिल पायी। बिहार में आरजेडी कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन करके मैदान में उतरी थी। पार्टी ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन एक भी सीट पर जीत नहीं दर्ज कर पाई जबकि कॉन्ग्रेस 9 सीटों पर मैदान में उतरी थी और पार्टी को बिहार में 1 सीट मिली।

लालू की पार्टी ने पहला लोकसभा चुनाव 1998 में लड़ा था तब बिहार में उन्हें 17 सीट मिली थी। इसके बाद 2014 में भी पार्टी को बिहार में 27 सीटें मिलीं लेकिन इस बार 2019 में आरजेडी शून्य पर ही सिमटी रह गई। कांग्रेस और आरेजेडी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली राष्ट्रीय लोक समता दल और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा भी अपना खाता नहीं खोल पाई।

बिहार की जनता ने कांग्रेस RJD गठबंधन से लड़ रहे RLSP के उपेंद्र कुशवाहा को भी धूल चटाया और उनकी हथियार उठाने की धमकी को मुहतोड़ जवाब दिया। RLSP के नेता उपेंद्र कुशवाहा NDA से बागी होने के बाद कांग्रेस में जा मिले थे। नमो आंधी में कांग्रेस गठबंधन चारो खाने चित्त हो गयी और लालू की पार्टी RJD का लालटेन पूरी तरह से इस चुनाव में बुझ गया।

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