भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पंजाब ऐंड महाराष्ट्र कॉर्पोरेशन बैंक (PMC Bank) के अकाउंड होल्डर्स को गुरुवार को बड़ी राहत दी। केंद्रीय बैंक के एक निर्देश के मुताबिक, खाताधारक अब अपने अकाउंट से हर दिन 10,000 रुपये निकाल सकेंगे, जो पहले केवल एक हजार रुपये थी। आरबीआई ने यह भी कहा है कि इस सहूलियत के बाद बैंक के 60% से अधिक खाताधारक बैंक में जमा अपनी पूरी रकम निकल सकने में सक्षम होंगे।

आरबीआई ने कहा, ‘खाताधारक अब अपने अकाउंट से हर दिन 10,000 रुपये निकाल सकेंगे (इसमें 1,000 रुपये की वह रकम भी शामिल है, जिसे पहले निकाला गया होगा)। पंजाब ऐंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक लि., भारतीय रिजर्व बैंक से लिखित रूप में पूर्वानुमति लिए बिना कोई भी ऋण और अग्रिम मंजूर नहीं करेगा।’

बैंक का लाइसेंस रद्द नहीं
इससे पहले, 23 सितंबर को रिजर्व बैंक ने एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा था, ‘बैंक को जारी निर्देश का अर्थ यह नहीं है कि उसका बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। अगले निर्देश तक बैंक निकासी के इस प्रतिबंध के साथ काम करता रहेगा।’ आरबीआई ने कहा कि फिलहाल बैंक पर यह प्रतिबंध 6 महीने के लिए लगाया गया है।’

एचडीआईएल के मालिक के घर के बाहर धरना
पीएमसी बैंक पर आरबीआई द्वारा 6 महीने के लिए प्रतिबंध लगाने के बाद लोग सड़कों पर उतर आए हैं। एक ओर बैंक में अपना निवेश कर चुके सैकड़ों लोग निराश हैं तो दूसरी ओर बैंक के कर्मचारी भी हैरान-परेशान है। पीएमसी बैंक के कर्मचारियों ने गुरुवार को हाउजिंग डिवेलपमेंट ऐंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) ग्रुप के मालिक के घर के बाहर धरना दिया है। यह ग्रुप बैंक में लोन डिफॉल्टर है। दरअसल पीएमसी बैंक में दिवालिया हो चुकी रियल एस्टेट कंपनी हाउजिंग डिवेलपमेंट ऐंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का खाता है।

2,500 करोड़ का लोन हुआ एनपीए
एचडीआईएल कंपनी ने बैंक से करीब 2500 करोड़ रुपये का लोन लिया था और चुकाया नहीं। कंपनी पर बकाये इस लोन को बैंक ने आरबीआई की गाइडलाइंस के बावजूद एनपीए में नहीं डाला था। वह भी तब जबकि कंपनी लोन को चुकाने में लगातार फेल होती रही। सूत्र ने बताया , ‘आरबीआई गाइडलाइंस के मुताबिक ऐसे मामलों में बैंक को लॉस का जिक्र करना चाहिए। पीएमसी बैंक का कैश रिजर्व ही कुल 1,000 करोड़ रुपये का है, जबकि कंपनी पर उसका 2,500 करोड़ रुपये का लोन बकाया है।’

आरबीआई अफसरों का पीएमसी बैंक में 105 करोड़ रुपये का फिक्स्ड डिपॉजिट

PMC में सिर्फ आम आदमी की ही गाढ़ी कमाई नहीं फंसी है। आरबीआई के अपने अफसर भी इससे अछूते नहीं हैं। अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू‘ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई अफसरों द्वारा चलाए जा रहे एक कॉपरेटिव का पीएमसी बैंक में 105 करोड़ रुपये का फिक्स्ड डिपॉजिट है। RBI अफसरों के पैसे भी दांव पर

रिपोर्ट में कहा गया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स ‘को-ऑप क्रेडिट सोसायटी’ की वित्त वर्ष 2019 की बैलेंस शीट के मुताबिक पीएमसी बैंक में 105 करोड़ रुपये का फिक्स्ड डिपॉजिट कराया गया है। इस सोसायटी के मेंबर्स केंद्रीय बैंक में अफसर के पदों पर हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि आरबीआई स्टाफ ऐंड ऑफिसर्स कॉपरेटिव क्रेडिट सोसायटी की भी इस बैंक में एफडी हैं। हालांकि एफडी की धनराशि कितनी है, इसके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है।

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