जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में सोमवार शाम वामपंथी छात्रों की भीड़ ने वाइस चांसलर जगदीश कुमार के आवास का घेराव किया। जगदीश कुमार ने आरोप लगाया है कि उनके घर में तोड़फोड़ की गई। इस दौरान बंधक बनाकर उनकी पत्नी के साथ बदसलूकी भी की गई तथा उन्हें कहीं भी बात करने नहीं दिया गया। अन्य सुरक्षा कर्मियों ने कुलपति की पत्नी को निवास से निकाला। हालांकि इस दौरान वे घायल हो गई हैं।

जेएनयू के कुलपति ने ट्वीट कर बताया कि आज शाम छात्रों ने जबरन मेरे जेएनयू आवास में तोड़फोड़ की और अपनी पत्नी को कई घंटों तक घर के अंदर कैद रखा, जबकि मैं एक मीटिंग में था। क्या विरोध का यह तरीका उचित है? घर में अकेली महिला काे डराना?

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में इस साल से कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा से दाखिला शुरू होने के विरोध में सोमवार को छात्रसंघ के आह्वान पर 11 छात्र व शिक्षक सामूहिक भूख हड़ताल में शामिल हुए। वहीं, विश्वविद्यालय प्रबंधन ने छात्रसंघ के आरोपों को नकारते हुए कहा कि कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा का फैसला शैक्षिक और कार्यकारिणी परिषद में हुआ था। प्रवेश परीक्षा में बहुवैकल्पिक प्रश्न पूछे जाएंगे, जिससे छात्रों को कोई परेशानी नहीं होगी।

छात्रों की अराजकता का आलम ये था कि वह किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। कैंपस में सिर्फ छात्रों की ही हुक्म चल रहा था। विश्वविद्यालय में उपजे छात्रों के इस अराजक प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रसंघ आमने-सामने आ गए हैं। दूसरी तरफ कुलपति जगदीश कुमार ने आज ट्वीट कर यह जानकारी दी कि वो और उनकी पत्नी आरोपी छात्रों के खिलाफ कानूनी कारवाई नहीं करेंगे। उन्होंने छात्रों को क्षमा कर दिया है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी जेएनयू छात्रसंघ समेत अन्य छात्र कुलपति के साथ मारपीट और धक्कामुक्की कर चुके हैं।

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