राजस्थान में मायावती को उन्हीं की पार्टी के विधायकों से गहरा झटका लगा है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सभी छह विधायकों ने सोमवार को सत्तारूढ़ दल कांग्रेस का ‘हाथ’ थाम लिया। उन्होंने सोमवार रात कांग्रेस में विलय का पत्र विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को सौंप दिया। जोशी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि बसपा के विधायकों ने मुझे पत्र सौंपे हैं। इसके साथ ही विधानसभा में कांग्रेस के कुल विधायकों की संख्या 106 हो गई है।

राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं। पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 100 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इससे पहले कांग्रेस राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के एक विधायक, बीएसपी के 6 और 12 निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार चला रही थी। गौरतलब है बसपा के सभी 6 विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब गहलोत सरकार अपने दम पर पूर्ण बहुमत वाली सरकार हो गई है।

बता दें, इसके पहले राज्य में 2009 में भी अशोक गहलोत के कार्यकाल के दौरान, बीएसपी के सभी छह विधायकों ने कांग्रेस का दामन थामा था और तत्कालीन कांग्रेस सरकार को स्थिर बनाया था। उस समय सरकार स्पष्ट बहुमत से पांच कम थी।

वहीं कांग्रेस में शामिल हुए बीएसपी विधायक जोगिंदर सिंह ने बताया कि वे सभी 6 विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। वह बोले, ‘यहां हमारे सामने बहुत सी परेशानियां हैं। एक तरफ हम उनकी सरकार का समर्थन कर रहे हैं और दूसरी तरफ हम उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।’ जोगिंदर सिंह अवाना ने आगे कहा, ‘ऐसे में अपने क्षेत्र के विकास के बारे में सोचते हुए, अपने लोगों का भला सोचने हुए हमने यह कदम उठाया है।’

गौरतलब है कि बीते अगस्त महीने की शुरुआत में राजस्थान के बसपा विधायक ने पार्टी सुप्रीमो मायावती पर पैसे लेकर टिकट देने का आरोप लगाया था। विधायक राजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया था कि हमारी पार्टी बहुजन समाज पार्टी में पैसे लेकर टिकट दिया जाता है. कोई और ज्यादा पैसे दे देता है तो पहले वाले का टिकट कर जाता है। अगर किसी तीसरे ने और पैसे दे दिए फिर दोनों का टिकट कट जाता है।