राजस्थान के चूरू जिले के सरदारशहर में चोरी के आरोपी एक दलित व्यक्ति की पुलिस हिरासत में हुई संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आया है। दलित युवक की 35 वर्षीय भाभी ने पुलिसकर्मियों पर गैंग रेप का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि चोरी के इल्जाम में महिला को आठ दिन पुलिस हिरासत में रखा गया और इस दौरान उसके साथ पुलिसकर्मियों ने लगातार बलात्कार किया। इतना ही नही मृत युवक की मौत मामले में करीब एक सप्ताह बाद भी अभी तक कोई एफआईआर सरदारशहर थाने की पुलिस ने दर्ज नहीं की गई है।

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला सरदार शहर थाना इलाके में सोनपालसर गांव है। जहां एक स्थानीय युवक नेमीचंद (25) को स्थानीय ग्रामीणों ने चोरी के संदेह में पकड़ लिया। ग्रामीणों का आरोप था कि वह युवक इलाके में चोरी की वारदातें करता है। ऐसे में उसकी जमकर पिटाई की। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। तब नेमीचंद को ग्रामीणों ने पुलिस को सौंप दिया। पुलिस उसे लेकर थाने चली गई। जहां नेमीचंद को चोटें लगी देख उसे जिला अस्पताल में उपचार व मेडिकल रिपोर्ट के लिए पहुंचाया। देर रात करीब 1 बजे नेमीचंद ने दम तोड़ दिया।

शनिवार को पीड़िता के पति और मृतक के भाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिसकर्मियों ने उनकी पत्नी को शारीरिक रूप से बेहद प्रताड़ना दी। उन्होंने कहा, ‘उन लोगों (पुलिसकर्मियों) ने मेरी पत्नी की उंगलियों को कुचलने के साथ ही नाखून तक उखाड़ डाले। उसे बहुत प्रताड़ित किया है। मेरे भाई का शव जब हमें सौंपा गया तो उसके शरीर पर 30 से अधिक चोट के निशान थे।’

वही पीड़ित महिला का कहना है कि, उसकी आंखों के सामने ही 6-7 जुलाई की रात को सरदारशहर थाने में उसके देवर की पीट- पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने हत्या के सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से 7 जुलाई की रात देवर का शव जबरदस्ती जलवा दिया। फिलहाल अस्पताल में महिला का इलाज चल रहा है। उधर, राजस्थान सरकार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए चुरू के एसपी को हटा दिया है। क्षेत्राधिकारी (सीओ) को निलंबित किया गया है।

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