भारत के पूर्व विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल सिर्फ एक सांसद थे, लेकिन सरकार के हर फैसलों में वह हस्तक्षेप करते थे। उन्होंने कहा कि वह किसी के प्रति जवाबदेह भी नहीं थे।

एस एम कृष्णा ने राहुल गाँधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि दस साल पहले उन्होंने पार्टी का कोई पद नहीं संभाला था, फिर भी पार्टी से लेकर सरकार तक के हर विभागों में हस्तक्षेप करते थे। उनकी दखलंदाजी के कारण ही उन्हें विदेश मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा। क्योंकि लगातार उनके हस्तक्षेप के कारण उन्हें काम करने में परेशानी हो रही थी।

कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम चुके यूपीए-2 के दौरान विदेशी मंत्री रहे एस एम कृष्णा ने कहा, “मेरे कार्यकाल में विदेश मंत्री के तौर पर मेरे विभाग में मनमोहन सिंह का दखल भी नहीं था। राहुल गांधी ने यह फैसला लिया कि 80 वर्ष की उम्र के पार के नेताओं की पद से छुट्टी करनी है और इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया। वह किसी के प्रति कोई जवाबदेही नहीं समझते थे।”

उन्होंने आगे कहा, “10 साल पहले राहुल गांधी एक सांसद के अलावा पार्टी के सिर्फ एक कार्यकर्ता थे। लेकिन गांधी परिवार के होने का नाजायज फायदा उठाते थे। जिन विषयों पर चर्चा का अधिकार कोई मंत्री नहीं, सीधे प्रधानमंत्री का होता है, उस विषय को भी उनके पास भेजा जाता था। वह अपनी मर्जी से विधेयकों को महत्व देते थे।”

कांग्रेस का गठबंधन की सहयोगी पार्टियों पर कोई नियंत्रण नहीं था। इसी वजह से यूपीए 2 के कार्यकाल में एक के बाद एक कई बड़े घोटाले 2जी स्पैक्ट्रम, कॉमनवेल्थ घोटाला, कोयला घोटाला, आदि हुए। 2017 में कांग्रेस पार्टी छोड़ने के फैसले पर भी कृष्णा ने कहा कि मौजूदा कांग्रेस अध्यक्ष की हस्तक्षेप के कारण उन्होंने पार्टी छोड़ दिया।

बता दें कि राहुल गांधी का हस्तक्षेप तब सामने आया था, जब 2013 में उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा हस्ताक्षर किए गए विधेयक को मीडिया के सामने सरेआम फाड़ दिया था। इसके बाद से उनसे कोई सवाल जवाब भी नहीं हुआ था, क्योंकि वो गांधी परिवार के सदस्य थे।

गौरतलब है कि इससे पहले राहुल गांधी की क्षमता पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने भी सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था, “राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी को महागठबंधन का नेतृत्व करने का सपना नहीं देखना चाहिए।” मालूम हो कि मणिशंकर अय्यर ने यह भी कहा था कि कांग्रेस पार्टी में सिर्फ मां-बेटे की ही चलती है।