एक तरफ चुनाव आयोग पर पक्षपात करने लिए विपक्षी दल लगातार आरोप लगाए जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ  पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुख़र्जी ने सोमवार को चुनाव आयोग के संयुक्त पैनल की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव “आदर्श तरीके” से संपन्न हुए हैं।

एक पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे प्रणब मुख़र्जी ने कहा कि “प्रथम चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन से लेकर वर्तमान चुनाव आयुक्तों तक, चुनाव आयोग की संस्था बहुत अच्छा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि “तीनों आयुक्तों को कार्यकारी द्वारा नियुक्त किया जाता है और वे अपना काम अच्छी तरह से कर रहे हैं। आप उनकी आलोचना नहीं कर सकते, यह चुनाव का एक आदर्श तरीके से संपन्न हुआ है।”

प्रणब मुखर्जी एनडीटीवी की सोनिया सिंह की पुस्तक ‘डिफाइनिंग इंडिया: थ्रू देयर आईज’ के लोकार्पण पर पहुंचे थे। इस अवसर पर प्रणब मुख़र्जी ने चुनाव आयोग को 2019 का चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए कोटि कोटि प्रशंसा की। अपने सम्बोधन के दौरान प्रणब मुख़र्जी ने कहा “अगर लोकतंत्र सफल रहा है, तो यह सुकुमार सेन से लेकर वर्तमान चुनाव आयुक्तों के चुनाव आयुक्तों द्वारा सही आचरण के कारण है।”

आपको बता दे, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की यह टिप्पणी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर भेदभाव का आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद आई है। उन्होंने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष आयोग का समर्पण जाहिर है।

राहुुुल गांधी ने ट्वीट किया था कि, ‘‘चुनावी बांड और ईवीएम से लेकर चुनाव के कार्यक्रम में छेड़छाड़ तक, नमो टीवी, ‘मोदीज आर्मी’ और अब केदारनाथ के नाटक तक चुनाव आयोग का मिस्टर मोदी और उनके गैंग के समक्ष समर्पण सारे भारतीयों के सामने जाहिर है.” उन्होंने लिखा, ‘‘चुनाव आयोग का डर रहता था और उसका सम्मान होता था जो अब नहीं रहा।”

अब ऐसे में कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व राष्ट्रपति रह चुके प्रणब मुख़र्जी का ये बयान राहुल गाँधी के चुनाव आयोग को लेकर लगाए आरोप को बेबुनियाद और बेतुका ठहराती है।

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