चुनाव आयोग ने कांग्रेस द्वारा लगाए आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 8वीं बार क्लीनचिट दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भ्रष्टाचारी नंबर-1 कहा था जिसकी शिकायत चुनाव आयोग से कांग्रेस पार्टी ने की थी। चुनाव आयोग ने कहा वे PM मोदी के इस बयान को आचार संहिता का उल्लंघन नहीं मानते। पाठको से बता दे कि इसके पहले भी 23 अप्रैल को अहमदाबाद में मोदी के रोड शो और 9 अप्रैल को चित्रदुर्ग में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बालाकोट एयर स्ट्राइक के जिक्र को भी क्लीनचिट मिल चुकी है। कांग्रेस अब तक मोदी और अमित शाह के खिलाफ 9 शिकायतें कर चुकी है जिसका एकमात्र उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को शिथिल बनान है और कुछ नहीं।

राजीव गाँधी पर किये टिप्पणी को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक भी दो पक्षों में बंट गए है। एक पक्ष के 200 से ज्यादा टीचर ने आलोचना पत्र में मोदी के बयान को झूठा और अपमानजनक बताया। वहीं, दूसरा धड़ा मोदी के पक्ष में खड़ा है। लगभग 125 टीचर्स ने राजीव गांधी को भ्रष्ट प्रधानमंत्री माना है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी सिख नरसंहार, भोपाल गैस त्रासदी, श्रीलंका में ११०० भारतीय जवानो की मौत, बोफोर्स सौदे में दलाली और कश्मीर घाटी में पंडितो के ऊपर अत्याचार के मामलो में सीधे तौर पर दोषी रहे है। मोदी के खिलाफ आलोचना पत्र में डीयू टीचर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अदित्यनारायण मिश्रा के भी हस्ताक्षर हैं। इससे पहले मोदी ने मंगलवार को कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को चुनौती भी दी थी कि अगर उनमें दम है तो बाकी दो चरण का चुनाव वे पूर्व प्रधानमंत्री के मान-सम्मान और बोफोर्स के मुद्दे पर लड़ लें, पता चल जाएगा कि किसके बाजुओं में कितना दम है।

सुप्रीम कोर्ट ने भी मोदी और शाह के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन के मामले को आज सिरे से ख़ारिज कर दिया है। कोर्ट ने मंगलवार को याचिका दाखिल करने वाली कांग्रेस नेता सुष्मिता देव को चुनाव आयोग के फैसले का रिकॉर्ड दाखिल करने की अनुमति दी थी। सुष्मिता की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कहा था कि चुनाव आयोग ने इन शिकायतों का निपटारा कर दिया है, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं होता। इसे सुप्रीम कोर्ट को विस्तार से देखने और गाइडलाइन जारी करने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने इसकी जांच को बरगलाने वाला बताया।

इसके पहले भी दो बयानों पर मोदी को क्लीन चिट मिल चुकी है। PM मोदी द्वारा वर्धा और लातूर रैली में दिए गए बयानों को आयोग ने पिछले दिनों क्लीनचिट दी थी। मोदी ने वर्धा की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के वायनाड सीट से चुनाव लड़ने की आलोचना की थी। साथ ही संकेत दिया था कि केरल के इस संसदीय क्षेत्र में अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं की संख्या अधिक है। लातूर में मोदी ने पहली बार वोट करने वाले मतदाताओं से अपील की थी कि अपना पहला वोट एयर स्ट्राइक करने वाले वीरों और पुलवामा के शहीदों के नाम समर्पित करें।