पहले सुरेश प्रभु और अब पीयूष गोयल की अगुवाई में रेल मंत्रालय की छवि लगातार सुधरती जा रही हैं, रेल मंत्रालय ट्विटर पर कम्प्लेन मिलने के बाद पैसेंजर्स की तुरंत हेल्प कर रहा हैं। ताजा मामला मानव तस्करी से जुड़ा हुआ हैं, दरअसल 5 जुलाई को आदर्श श्रीवास्तव मुजफ्फरपुर बांद्रा अवध एक्सप्रेस के S5 कोच में यात्रा कर रहे थे, तभी उन्होंने देखा की कुछ नाबालिग छोटी बच्चियां रो रही हैं और ये काफी परेशान दिख रही हैं। जब उन्हें यह मामला संदेहजनक लगा तो उन्होंने तुरन्त रेल मिनिस्टर पीयूष गोयल और रेलवे मिनिस्ट्री को टैग करते हुए यह जानकारी ट्वीट के जरिये दी।

 

इस ट्वीट के बाद वाराणसी और लखनऊ के अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए। सोशल मीडिया पर मिली इस सूचना के आधे घंटे के भीतर मामले की जांच शुरू हो गई।मामले के संबंध में जानकारी मिलने के बाद गोरखपुर पर राजकीय रेलवे पुलिस ने चाइल्ड लाइन और पुलिस की मानव तस्करी रोधी इकाई के साथ संपर्क स्‍थापित किया। कप्तानगंज से सादी वर्दी में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के दो जवान ट्रेन में चढ़े और उन्हें गोरखपुर तक लाए।

रेलवे के प्रवक्ता के अनुसार  22 साल और 55 साल की उम्र के दो व्यक्तियों के साथ 26 लड़कियों को ट्रेन से बरामद किया गया है। ये सभी बिहार के पश्चिम चंपारण की रहने वाली हैं। लड़कियों को नरकटियागंज से ईदगाह ले जाया जा रहा था। लड़कियों से सवाल किया गया तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी, इसलिए उन्हें बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया। ट्रेन से बरामद की गई लड़कियों की उम्र 10 से 14 साल के बीच बताई जा रही है। आरपीएफ ने एक बयान में बताया कि उनके माता-पिता को सूचित कर दिया गया है और व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

ट्विटर पर यात्री आदर्श श्रीवास्तव और आरपीएफ की जमकर तारीफ हो रही हैं। लोग जहाँ एकतरफ आदर्श श्रीवास्तव की सजगता और सूझबूझ को प्रशंसा करते हुए उन्हें हीरो बता रहे हैं वही दूसरी तरफ नार्थ रेलवे आरपीएफ की भी त्वरित कारवाई की जमकर तारीफ कर रहे हैं। आरपीएफ के ट्विटर हैंडल पर बधाई संदेशों का तांता लगा हुआ हैं। वही बीजेपी प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने सरकार से आदर्श श्रीवास्तव को सम्मानित करने का भी निवेदन किया हैं।