सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर नागरिकों के अधिकार और सुरक्षा के मुद्दे पर सूचना प्रौद्योगिकी की संसदीय समिति ने ट्विटर अधिकारियों को तलब किया है। यह जानकारी समिति के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को दी। समिति ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रतिनिधियों को भी बैठक में शामिल होने के लिए कहा है। आपको बता दें यह बैठक 11 फरवरी को होनी है।

दरअसल बीते रविवार को गैर-वामपन्थी विचारधारा के हजारों ट्विटर यूजर्स ने ट्विटर के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया था कि ट्विटर गैर-वामपन्थी विचारधारा वालो लोगो के प्रति पक्षपाती रवैया अपनाए हुए हैं और उनके ट्विटर खातों को बंद कर रहा है। यह प्रदर्शन यूथ फॉर सोशल मीडिया डेमोक्रेसी के बैनर तले किया गया था। इस संगठन के कुछ लोगों ने इस बारे में अनुराग ठाकुर को भी पत्र लिखा था। माना जा रहा हैं, इसी वजह से संसदीय समिति ने यह कदम उठाया हैं।

क्या हैं संगठन के आरोप
संगठन के सदस्यों ने ट्विटर पर आरोप लगाते हुए कहा था कि, पिछले कुछ महीनों से ट्विटर और फेसबुक व्यवस्थित रूप से ऐसे लोगों की वैचारिक स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रहे हैं जो गैर-वामपंथी विचारधारा वाले सदस्य हैं। उनके हैंडल को निलंबित करके, उनकी पहुंच को प्रतिबंधित करने की कोशिश की जा रही है। जबकि वही वामपन्थी विचारधारा वाले विचारकों और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के आक्रामक, अपमानजनक और धमकी भरे ट्वीट्स की अनदेखी कर दी जा रही है। चुनावी वर्ष के दौरान इस तरह का राजनीतिक पूर्वाग्रह दिखाया जाना भारत में चुनावों को प्रभावित करने का एक प्रयास है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के अधिकार का उल्लंघन करता है जो भारतीय लोकतंत्र का एक बुनियादी आधार है। बिना किसी पूर्वाग्रह के सभी पर एक जैसे नियम लागू होने चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनुराग ठाकुर ने अगले सप्ताह होने वाली समिति की बैठक का अजेंडा ट्वीट करते हुए कहा कि ट्विटर के प्रतिनिधियों को इस मुद्दे पर अपने विचार रखने के लिए समिति के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। उन्होंने आम लोगों से भी इस मामले में उनके विचार और सुझाव मांगे हैं। इस मीटिंग में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन मीडिया न्यूज पोर्टल पर निगरानी रखने के लिए और फेक न्यूज से बचने के लिए चर्चा होगी। साथ ही सरकार ने सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले किसी भी संदिग्ध पर कार्रवाई करने और उन पर निगरानी रखने के पहले से ही आदेश दे दिये हैं।

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