महाराष्ट्र के बीड जिले से एक चौकाने वाली खबर सामने आयी है। मंगलवार शाम (25 जून, 2019) को रेलवे स्टेशन पर खड़ी एक यात्री ट्रेन परली-अकोला पैसेंजर के इंजन पर एक संदिग्ध यात्री अचानक सवार हो गया और ट्रेन चलाने का प्रयास करने लगा। मामले की जानकारी मिलते ही उसे सुरक्षाकर्मियों की मदद से ट्रेन से नीचे उतारा गया। इस घटना के चलते ट्रेन तकरीबन एक घंटे तक रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही।

मराठी न्यूज़ पेपर दिव्य भास्कर के मुताबिक रेलवे इंजन  में घुसकर कब्जे का प्रयास करने वाला आरोपी की पहचान हुसैन नियाजी असगर अली चौधरी के तौर पर की गई है जो पेशे से डेंटिस्ट है और मुंबई से सटे मीरा-भायदंर का निवासी है।

क्या था मामला
मंगलवार 25 जून को दोपहर 1:15 बजे रेलवे स्टेशन पर पराली अकोला पैसेंजर गाड़ी दोपहर में रवाना होने के लिए तैयार खड़ी थी। पराली रेलवे स्टेशन पर हुसैन नियाज़ असगर अली ने ट्रेन के इंजन में प्रवेश करके ट्रेन पर नियंत्रण कर लिया। ट्रेन को चलाने के लिए उसने हैंडल दबाया लेकिन ट्रेन चली नही, इसी दौरान मोटर मैन रत्नदीप ढोने का ध्यान उधर गया और उसने रेलवे सुरक्षा बल को सूचित करते हुए आरोपी को इंजन से उतारने की कोशिश करने लगा। हालांकि RPF ने मोर्चा संभाल लिया और आरोपी को इंजन से बाहर निकाल कर 1200 यात्रियों की जान बचा ली। आरोपी को आगे की कार्यवाही के लिए रेलवे सुरक्षा बल और स्टेशन प्रमुख जितेन्द्र कुमार मीना को सौंप दिया।

आपको बता दें कि, इतनी बड़ी घटना घटने के बाद भी रेलवे पुलिस या सुरक्षा बल ने चौधरी से कोई पूछताछ नहीं की है बिना किसी रिपोर्ट के उन्होंने उसे छोड़ दिया। इस पूरी घटना पर रेलवे सुरक्षा बल समेत रेलवे अधिकारियों ने अपनी चुप्पी साध रखी है। ट्रेन चलाने के प्रयास में गंभीर अपराध के बाद भी हुसैन नियाज़ असगर चौधरी अभी भी छुट्टा घूम रहा है।

जब इस संदर्भ में रेलवे पुलिस से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमे कोई लिखित शिकायत नही मिली इसलिए आरोपी को छोड़ना पड़ा। अगर स्टेशन मास्टर या संबंधित स्थानीय अधिकारियों ने शिकायत दर्ज की होती तो यदि तो हम कार्रवाई जरूर करते। बहरहाल इस घटना को लेकर रेलवे अधिकारियों और सुरक्षा बलों में टालमटोल चल रहा है।

रिपोर्ट : दीपक सनातन